
खाटूश्यामजी के पास बनने वाले स्टेशन का मॉडल दिखाते रेल मंत्री (फोटो-पत्रिका)
सीकर। विश्व प्रसिद्ध श्री खाटूश्यामजी मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को जल्द ही बेहतर रेल सुविधाओं का लाभ मिलेगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को श्री खाटूश्यामजी मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर मंदिर के निकट नए रेलवे स्टेशन के निर्माण की योजना पर चर्चा की। बैठक में रेल मंत्री ने भरोसा दिलाया कि परियोजना से जुड़े तकनीकी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा, जिसके बाद स्टेशन निर्माण का काम शुरू होगा।
रेल मंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, राजस्थान सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा के अलावा श्री श्याम मंदिर समिति के प्रतिनिधि शक्ति सिंह चौहान, मानवेंद्र सिंह चौहान और मोहन सिंह चौहान शामिल रहे।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने खाटूश्यामजी मंदिर में हर साल आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेल संपर्क और यात्री सुविधाओं को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही भारतीय रेलवे की ओर से तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए रेल मंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
अश्विनी वैष्णव ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि प्रस्तावित नया रेलवे स्टेशन (सुंदरपुरा) सीकर-रींगस रेलखंड पर पलसाना और बावड़ी ठीकरिया रेलवे स्टेशनों के बीच विकसित किया जाएगा। यह स्टेशन खाटूश्यामजी मंदिर से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर होगा, जिससे श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलेगी।
रेल मंत्री ने कहा कि स्टेशन निर्माण से पहले परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी कार्य पूरे किए जाएंगे। इनमें रेलवे लाइन से संबंधित इंजीनियरिंग और सिग्नलिंग कार्य, नई रेलवे लाइन का निर्माण तथा उसे मौजूदा रेल नेटवर्क से जोड़ने का कार्य शामिल है। इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद स्टेशन भवन का निर्माण शुरू किया जाएगा।
प्रस्तावित स्टेशन भवन को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक वास्तुकला के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसमें आधुनिक बुकिंग कार्यालय, विशाल प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, यात्री-अनुकूल सुविधाएं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं और यात्रियों को आरामदायक एवं सुरक्षित यात्रा अनुभव मिल सके।
भारतीय रेलवे का मानना है कि नए स्टेशन के निर्माण से खाटूश्यामजी धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की रेल पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होगा। इसके साथ ही क्षेत्रीय संपर्क को मजबूती मिलेगी, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर व्यापार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। रेलवे बुनियादी ढांचे के विस्तार से आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा।
रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित आधारभूत ढांचे के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। खाटूश्यामजी मंदिर के पास प्रस्तावित नया रेलवे स्टेशन भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
Updated on:
07 Jul 2026 10:56 pm
Published on:
07 Jul 2026 10:39 pm
