
वन विभाग की जमीन पर खड़ी कर दी आलीशान कोठियां (फोटो: पत्रिका)
Illegal Encroachment On Forest Department Land: सीकर शहर की लाइफ लाइन और ऑक्सीजन जोन के रूप में प्रसिद्ध स्मृति वन पर भू-माफिया व अतिक्रमियों ने कब्जा कर आलीशान कोठियां बना ली है। अतिक्रमियों ने अपनी इन कोठियों के चारों ओर बड़े-बड़े सीसीटीवी कैमरे लगा रहे हैं, मानों यह उनकी पैतृक संपत्ति हो। वन विभाग की जमीन पर बने आलीशान मकानों के बीच नगर परिषद ने डामर और सीसी सड़कें भी बना दी है और बिजली निगम ने बिजली कनेक्शन जारी कर दिए हैं।
राजनीतिक रसूखात व वन विभाग सीकर के क्षेत्रीय वन अधिकारी की की लापरवाही के चलते अतिक्रमियों को हौसले इस कदर बुलंद है कि उन्होंने वन विभाग की जमीन पर कॉलोनियों काट दी हैं और बाउंड्रीवॉल तक कर दी है। यही नहीं वन विभाग की जमीन पर कई बीघा जमीन पर कच्ची बस्ती बसी हुई है। राजस्थान पत्रिका लगातार वन विभाग की बेसकीमती जमीन पर अवैध अतिक्रमण के मुद्दे को उठाता आया है।
अतिक्रमियों ने वर्षों से वन विभाग की जमीन पर कब्जे कर रखे हैं। एक भू-माफिया ने अपनी खातेदारी की जमीन से सटते हुए लगती स्मृति वन की जमीन के कुछ हिस्से में रोड निकाल दी और प्लॉटिंग कर दी है। ठीक एक साल पहले वन विभाग ने इस काॅलोन में वन विभाग के कब्जे वाली अपनी जमीन पर गहरी खाई कर अतिक्रमण नहीं करने की हिदायत दी थी लेकिन बावजूद इसके एक मकान मालिक ने वन विभाग की जेसीबी से की गई खाई को भरते हुए अपना मकान बना लिया और आगे तक बाउंड्रीवॉल कर ली है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जलदाय विभाग के जरिए इन लोगों काे पेयजल कनेक्शन जारी किए हुए हैं और ट्यूबवैल तक करवा रखी है। बावजूद इसके वन विभाग स्मृति वन की जमीन से कब्जा छुड़वाने को लेकर बिलकुल भी सजग नहीं है। अवैध रूप से निर्माणाधीन भवनाें पर जिला प्रशासन किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रहा है। रोडवेज बस डिपो के आगे स्मृति वन की कई बीघा जमीन पर कच्ची बस्ती बसी हुई है।
एक साल पहले वन विभाग , सीकर की टीम पुलिस जाब्ते के साथ यहां से अतिक्रमण को चिन्हित कर गहरी खाई खोदने गई थी। इस दौरान रसूखदार भू-माफिया, अतिक्रमियों व कच्ची बस्ती के लोगों ने वन विभाग की टीम व वाहनों पर पथराव कर दिया था। भू-माफियाओं ने वन विभाग की टीम के सदस्यों पर लाठियों से हमला भी बोल दिया था।
स्मृति वन 2012 में बना था, उस दौरान वन विभाग की अधिकांश जमीन एक्वायर कर कब्जा कर लिया गया था। ये पक्के निर्माण व मकान आदि का अतिक्रमण बहुत पुराना है। वन विभाग की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए हम धारा 91 के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय से आदेश करवाकर अतिक्रमण ध्वस्त करेंगे। इसके लिए हमने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दीपक कुमार, क्षेत्रीय वन अधिकारी वन विभाग, सीकर
Updated on:
08 Jul 2026 01:58 pm
Published on:
08 Jul 2026 01:57 pm
