BanshiDhar Bajiya : बाजिया की टिकट के विरोध में बने मोर्चे ने सोमवार सुबह बैठक कर विरोध की रणनीति बनाई। इसके बाद दोपहर को कस्बे के मुख्य चौक में नारेबाजी की।
सीकर. राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में भाजपा प्रत्याशियों की पहली सूची जारी होते ही विरोध के सुर भी उठने लगे हैं। सीकर जिले की खंडेला विधानसभा सीट के लिए रविवार रात को चिकित्सा राज्य मंत्री बंशीधर बाजिया को टिकट दी गई। बाजिया को टिकट मिलने से नाराज दूसरे गुट ने बगावत शुरू कर दी है।
बाजिया की टिकट के विरोध में बने मोर्चे ने सोमवार सुबह बैठक कर विरोध की रणनीति बनाई। इसके बाद दोपहर को कस्बे के मुख्य चौक में नारेबाजी की। इस दौरान बाजिया के विरोध में भाजपा ओबीसी मोर्चा के पूर्व उपाध्यक्ष एवं किसान मोर्चा के पूर्व सदस्य प्रभात जांगू व पूर्व सरपंच भोलाराम दूधवाल ने चुनाव लडऩे की घोषणा की है।
वे दोनों शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करेंगे। गौरतलब है कि भाजपा ने पहली सूची में खंडेला विधायक बंशीधर बाजिया को टिकट दी है। इसके साथ ही इलाके में विरोध शुरू हो गया है।
सीकर से जयपुर तक विरोध
खंडेला के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने सीकर में हुई पार्टी की रायशुमारी बैठक में बाजिया के नाम का विरोध जताया था। इसके बाद जयपुर में हुई बैठक में भी स्थानीय कार्यकर्ताओं ने लगभग पांच घंटे तक प्रदर्शन किया था। इस दौरान बाजिया विरोधी गुट ने टिकट बदलने की मांग उठाई थी।
इसलिए बाजिया का विरोध
बाजिया के विरोध के पीछे कई वजह सामने आई है। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि बाजिया ने ज्यादातर कार्यकर्ताओं की भाजपा राज में भी उपेक्षा की इस कारण विकास कार्य प्रभावित हुए। वहीं विधायक पर चहेतों को फायदा पहुंचाने व क्रेशर माफिया से मिलीभगत के आरोप लगाए है।
भाजपा ने इसलिए दी बाजिया को टिकट
चुनावी रणभेरी बजने के साथ ही यहां विरोध की सियासत शुरू हो गई। लेकिन पार्टी ने आखिरकार सर्वे को आधार मानते हुए बंशीधर बाजिया पर फिर से विश्वास जताया। ऐसे में बाजिया विरोध की लपटों के बीच से टिकट लाने में सफल रहे। बाजिया के सामने अब चुनौती विरोधी को मनाने की रहेगी। रविवार देर रात जैसे ही टिकटों की घोषणा हुई तो कार्यकर्ताओं ने मुख्य बाजारों में जमकर आतिशबाजी की।
प्रत्याशी का ‘आधार’
चुनावी रणभेरी बजने के साथ ही यहां विरोध की सियासत शुरू हो गई। लेकिन पार्टी ने आखिरकार सर्वे को आधार मानते हुए बाजिया पर फिर से विश्वास जताया। ऐसे में बाजिया विरोध की लपटों के बीच से टिकट लाने में सफल रहे। बाजिया के सामने अब चुनौती विरोधी को मनाने की रहेगी। रविवार देर रात जैसे ही टिकटों की घोषणा हुई तो कार्यकर्ताओं ने मुख्य बाजारों में जमकर आतिशबाजी की।