21 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जमीन अधिग्रहण के पेंच में फंसे सीकर के ये 4 बड़े प्रोजेक्ट, किसानों के विरोध से सरकार की बढ़ी मुश्किलें

Sikar Project Delay: जमीन अधिग्रहण के मामले में सीकर जिले में प्रोजेक्टों को लेकर लगातार पेंच उलझ रहा है। जमीन अधिग्रहण की घोषणा के साथ जहां किसानों के आंदोलन रफ्तार पकड़ रहे है।

2 min read
Google source verification

सीकर

image

Anil Prajapat

May 21, 2026

Farmers Protest-1

किसानों का विरोध। पत्रिका फाइल फोटो

Sikar Land Acquisition Issue: सीकर। जमीन अधिग्रहण के मामले में राजस्थान के सीकर जिले में प्रोजेक्टों को लेकर लगातार पेंच उलझ रहा है। जमीन अधिग्रहण की घोषणा के साथ जहां किसानों के आंदोलन रफ्तार पकड़ रहे है। दूसरी तरफ जमीन अधिग्रहण नहीं होने की वजह से प्रोजेक्टों पर संकट का साया छा रहा है। पिछले तीन साल में जमीन अधिग्रहण की वजह से सीकर जिले में चार प्रोजेक्टों का विरोध सामने आ चुका है।

किसानों का कहना है कि सरकार को जमीन अधिग्रहण के लिए स्थायी नीति बनानी चाहिए जिससे प्रोजेक्ट भी पूरे हो सके और किसानों को भी राहत मिल सके। किसानों का तर्क है कि इलाके के लोगों का मुख्य रोजगार खेती पर निर्भर है। तारपुरा इलाके के किसानों की विरोध की लपटें जयपुर तक पहुंच गई है। इधर, किसानों ने कहा कि राजस्थान सरकार के बेहतर नीति नहीं बनाने तक एक इंच भी जमीन नहीं देंगे।

ये प्रोजेक्ट आ चुके विवादों में

1. तारपुरा हवाई पट्टी का सर्वे: राज्य सरकार ने बजट में तारपुरा हवाई पट्टी के विस्तार के लिए सर्वे कराने की घोषणा की थी। सर्वे की कवायद का पत्र जारी होते ही किसानों ने पहले पंचायत स्तर पर और फिर जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन की ओर से सरकार तक मांग पत्र भी भिजवाया है।

2. मास्टर प्लान: मास्टर प्लान की विभिन्न विसंगति की वजह से 20 से अधिक गांव-ढाणियों के लोगों ने मंडी में सभा की। किसानों की मांग को मानते हुए सरकार ने मास्टर प्लान का रिव्यू कराने का दावा किया। अभी तक विभाग मास्टर प्लान की आपत्तियों का भी निपटारा नहीं कर सका है।

3. यूआइटी की आवासीय कॉलोनी: पिछली सरकार के समय यूआइटी ने किसानों की जमीन अधिग्रहित करके सांवली रोड इलाके में आवासीय योजना विकसित करने की योजना बनाई थी। किसानों ने जमीन नहीं देने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया। किसानों की मांग को देखते हुए कॉलोनी का प्रस्ताव अब तक ठंडे बस्ते में है।

4. बाईपास को लेकर भी बढ़ रहा विरोध: भढ़ाडर से कुड़ली तक जाने वाले बाईपास के लिए होने वाली जमीन अधिग्रहण के मामले में कई किसानों की ओर से प्रदर्शन किया गया। किसानों ने प्रशासन ने आरोप लगाते हुए मामले को न्यायालय तक ले गए। इस वजह से यूआइटी कई खातेदारों की जमीन का अधिग्रहण नहीं कर पा रहा है।

    इधर, बीड़ में एयरपोर्ट की उठने लगी मांग

    तारपुरा के लोगों के एयरपोर्ट के जमीन अधिग्रहण का विरोध करने पर फतेहपुर सहित कई इलाके के लोगों ने बीड़ में एयरपोर्ट बनाने का सुझाव दिया है। लोगों का कहना है कि बीड़ क्षेत्रों में एयरपोर्ट बनने से शेखावाटी के प्रवासियों को फायदा मिल सकेगा। साथ ही जबरन किसानों की बेशकीमती जमीनों की भी जरूरत नहीं होगी। यदि किसानों की जमीनें ली, तो भविष्य में फसलों का संकट हो जाएगा। इसलिए खाली बीड इसके लिए उपयुक्त हो सकता है। इस वजह से यूआइटी कई खातेदारों की जमीन का अधिग्रहण नहीं कर पा रहा है।