सीकर

चुनावों की घोषणा से पहले सीकर में उम्मीदवारों ने तोड़ डाले सारे नियम

सीकर. छात्रसंघ चुनावों से पहले ही सीकर जिले में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों की धज्जियां उड़ रही ही है।
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Aug 20, 2018
sikar news
चुनावों की घोषणा से पहले सीकर में उम्मीदवारों ने उड़ा दी सारे नियमों की धज्जियां


सीकर/ फतेहपुर. छात्रसंघ चुनावों से पहले ही सीकर जिले में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों की धज्जियां उड़ रही ही है। धड़ल्ले से पोस्टर व बैनरों से दीवारें अट गई है। कारें शहर व गांवों में घूम रही हैं, लेकि न इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। प्रदेश में छात्रसंघ चुनावों पर पहले रोक लगा दी थी, उसके बाद गहलोत सरकार ने प्रदेश में फिर छात्रसंघ चुनाव शुरू किए।
इस बार लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के आधार पर छात्रसंघ चुनाव करवाने शुरू किए। कमेटी की सिफारिश के अनुसार कोई भी प्रत्याशी प्रिंट पोस्टर, बैनर का उपयोग नहीं कर सकेगा। सरकारी इमारतों पर पोस्टर व बैनर नहीं लगा सकेगा। पूरे चुनाव के दौरान वह पांच हजार रुपए से ज्यादा का खर्च नहीं कर सकेगा। पांच हजार रुपए से अधिक खर्चा करने पर उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द किए जाने व निर्वाचित प्रतिनिधि को निष्कासित करने का प्रावधान रखा गया था।


सरकार ने दी जानकारी
विधानसभा के प्रश्न के जवाब में सरकार ने बताया कि प्रदेश में एक भी उम्मीदवार की ओर से पांच हजार से ज्यादा राशि खर्च करने का मामला राज्य सरकार के संज्ञान में नहीं आया। इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में सवाल यह उठ रहा कि महाविद्यालय व विश्वविद्यालय में चुनाव लडऩे वाले किसी प्रत्याशी ने भी पांच हजार रुपए से ज्यादा का खर्चा नहीं किया या विधानसभा को सही तथ्य नहीं बताए जा रहे।

दीवारें पुतना शुरू
छात्रसंघ चुनाव के दौरान संभावित प्रत्याशी सत्र के साथ ही दीवारों पर पोस्टर लगाने व नारे लिखने का काम शुरू कर देते है। पर्चा दाखिल करने के साथ ही प्रत्याशी व अन्य लोग गाडिय़ों मेें घूम घूम कर प्रचार करते है, ऐसे में चुनावों के दौरान हजारों रूपये का खर्चा कर दिया जाता है। जानकारी होने के बाद भी ना ही तो कॉलेज व विश्वविद्यालय इन पर कोई कार्रवाई करता है व ना ही राज्य सरकार इन पर कार्रवाई कर रही है।

डिवाइडर पर लगे पोस्टर

सीकर में श्रीकल्याण राजकीय कन्या महाविद्यालय के सामने की दीवारें पोस्टरों से अट गई है। इसके अलावा स्टेशन रोड स्थित डिवाइडर पर भी बड़े-बडे पोस्टर लगे हुए हैं। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।

हवा हुए कमेटी के आदेश
छात्रसंघ चुनावों को भले ही सरकार ने लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों पर करवाने के आदेश दिए हो लेकिन लिंगदोह कमेटी की सिफारिशें सिर्फ हवा हो रही है। छात्रसंघ चुनावों में अधिक होते झगड़े, व्यर्थ खर्चों को रोकने व अनुशासन के साथ चुनाव करवाने की बात कागजों तक सिमट कर रह गई। दरअसल लिंगदोह कमेटी की सिफारिशें लागू होने के बाद से उक्त सिफारिशों का उल्लघंन करने के आरोप में एक भी प्रत्याशी पर कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रत्याशियों में भय नहीं है।

Published on:
20 Aug 2018 12:40 pm