जिस पर बेटी बचाने के संदेशों को उकेर कर उनमें चमकदार मोती जैसे नग भरे गए हैं।
सीकर. बेटियों को बचाने और उन्हें पढ़ाने के लिए एक बेटी ने ही नवाचार किया है। ताकि इनका संरक्षण कर नन्हीं सी जान को बचाया जा सके और इनके प्यार और स्नेह को संभाला जा सके। जी हां, नवाचार में इस बार महिलाओं के हाथों में पहनी जाने वाली चूडिय़ां और कंगनों को चुना गया है। जिस पर बेटी बचाने के संदेशों को उकेर कर उनमें चमकदार मोती जैसे नग भरे गए हैं। ताकि इनको पहनने के बाद महिला में भी बेटी होने का अहसास बना रहे और औरों में भी जागरूकता की भावना को पैदा किया जा सके।
पॉकेट मनी से तैयार करवाए पांच सौ कंगन व चूडिय़ा
पिपराली की ब्रांड एंबेसेडर अभिलाषा ने अपनी पॉकेट मनी से ऐसी पांच सौ चूडिय़ां और कंगन तैयार करवाए हैं। जिन पर मनियारन से इनमें चमकीले नगों से बेटी बचाने और उसे पढ़ाने का संदेश लिखवाया है। इन चूडिय़ों और कंगनों को जरूरतमंद महिला व युवतियों को निशुल्क पहनाया जाएगा। हालांकि इस नेक और नई पहल की शुरूआत सोमवार को प्रशासन के साथ सरकारी जनाना अस्पताल में की गई।
जिसमें कलक्टर की मौजूदगी में बेटियों को जन्म देने वाली 25 प्रसूताओं को इन्हें निशुल्क वितरित किया गया। इस दौरान अभिलाषा का कहना था कि भतीजी के जन्मदिन पर नवाचार की शुरूआत की गई है। क्योंकि जिस तरह सूने हाथों की शोभा चूड़ी व कंगन पहनने से बढ़ जाती है। उसी तरह घर-आंगन की शोभा भी बेटी होने से दोगूनी हो जाती है। कार्यक्रम के दौरान कलक्टर नरेश ठकराल, सीएमएचओ अजय चौधरी, डा. बीएल राड़, पीसीपी एनडीटी समन्वयक नंदलाल पूनिया, गोपीराम खोखर, प्रेमलता सहित कई चिकित्सक उपस्थित थे।