
CM Bhajanlal Sharma
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गुरुवार को सीकर जिले के जाजोद दौरे ने यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत साफ हो, तो सरकारी फाइलें कछुए की चाल से नहीं, बल्कि बिजली की गति से दौड़ती हैं। जाजोद की सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली बेटियों के लिए 8 मई 2026 की सुबह किसी सपने के सच होने जैसी थी। जिस मांग के लिए सालों लग जाते हैं, वह मुख्यमंत्री के एक निर्देश पर चंद घंटों में धरातल पर उतर आई।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपने जाजोद दौरे के दौरान ग्रामीणों से संवाद कर रहे थे। इसी दौरान कुछ छात्राओं ने हिम्मत जुटाकर मुख्यमंत्री के सामने अपने भविष्य की एक बड़ी अड़चन रख दी।
छात्राओं ने बताया कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जाजोद (सीकर) में विज्ञान संकाय नहीं होने के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है या फिर मजबूरी में कला वर्ग चुनना पड़ता है।
सीएम ने बेटियों की बात को ध्यान से सुना और मुस्कुराते हुए कहा, "बेटियों की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आएगी।"
आमतौर पर सरकारी घोषणाओं को धरातल पर आने में महीनों लग जाते हैं, लेकिन यहाँ मामला अलग था।
जारी हुआ आधिकारिक पत्र: शिक्षा (ग्रुप-1) विभाग ने 8 मई 2026 की सुबह ही आदेश जारी कर दिए।
आदेश में लिखा : संयुक्त शासन सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जाजोद स्कूल में शिक्षा सत्र 2026-27 से अतिरिक्त विज्ञान संकाय (गणित एवं जीव विज्ञान) शुरू करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
पदों की व्यवस्था: आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इसके लिए आवश्यक पदों की व्यवस्था विभाग में उपलब्ध रिजर्व पदों से की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने केवल स्कूल की समस्या ही नहीं सुलझाई, बल्कि भावनाओं का भी सम्मान किया।
जाजोद के ग्रामीणों और सोशल मीडिया पर इस बात की सबसे ज्यादा चर्चा है कि इन कार्यों के लिए न तो किसी नेता को ज्ञापन दिया गया, न ही कोई प्रदर्शन हुआ। सीएम भजनलाल ने दिखा दिया कि वे जनता की परेशानी को एक फाइल नहीं, बल्कि एक 'जिम्मेदारी' मानते हैं।
सीकर में सीएम के इस दौरे का 'पॉजिटिव इम्पैक्ट' अब पूरे राजस्थान में एक नजीर बन गया है। लोग कह रहे हैं कि अगर मुख्यमंत्री सीधे जनता के बीच सो रहे हैं (रात्रि विश्राम), तो उसका फायदा सीधे जनता को मिल रहा है।
Published on:
08 May 2026 05:30 pm
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