
सीकर. आरजीएचएस घोटाले के मामले में कल्याण अस्पताल के चिकित्सकों ने सात दिन के लिए कार्य बहिष्कार खत्म कर दिया है। राजस्थान पत्रिका में सरकारी अस्पतालों में तीन दिन से ओपीडी के बहिष्कार के कारण ऑपरेशन बंद होने व ओपीडी और आईपीडी घटने को लेकर खबर का प्रकाशन किया। इसके बाद जिम्मेदार हरकत में आए। कॉलेज प्रिंसीपल डॉ. अशोक चौधरी ने गुरुवार सुबह चिकित्सकों के प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता की। वार्ता में बहिष्कार समाप्त होने की घोषणा के बाद प्रबंधन सहित मरीजों ने राहत की सांस ली। चिकित्सकों ने ओपीडी संभाल ली। अस्पताल में गुरुवार से मरीजों के नियमित ऑपरेशन किए जाएंगे। निजी अस्पतालों में भी मरीजों को ओपीडी की नियमित सेवाएं मिलेगी। हालांकि निजी अस्पतालों में आरजीएचएस योजना के तहत मरीजों को केसलैस उपचार नहीं मिलेगा। इधर आरजीएचएस मामले में पूर्व अधीक्षक डॉ. केके अग्रवाल और निजी लैब संचालक डॉ. बी लाल को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
दिया आश्वासन, होगी, निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्रवाई
चिकित्सकों की संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को सीकर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल से वार्ता की। वार्ता के दौरान प्रिंसीपल ने कहा कि आरजीएचएस में महंगी जांच लिखने के प्रकरण में दोषी चिकित्सकों के खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई करने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से मिलकर वार्ता की जाएगी। कॉलेज प्रिंसीपल ने चिकित्सकों को सात दिन में मांगों पर विचार और उचित स्तर पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सात दिन में न्यायसंगत कार्रवाई नहीं होने पर चिकित्सकों की ओर से दोबारा कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
इनका कहना है
चिकित्सकों के प्रतिनिधि मंडल ने वार्ता के बाद कार्य बहिष्कार वापस ले लिया है। वार्ता के बाद चिकित्सकों ने ओपीडी में व्यवस्थाएं संभाली। अस्पताल में गुरुवार से नियमित रूप से ऑपरेशन शुरू हो जाएगी। इस कदम से मरीजों को राहत मिलेगी।
डॉ. देवेन्द्र दाधीच, कार्यवाहक अधीक्षक कल्याण अस्पताल
Updated on:
08 May 2026 11:40 am
Published on:
08 May 2026 11:39 am
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