शहर के आमली रोड पर बदहाल पड़ा अंग्रेजों के जमाने का रोड रोलर अब नगर परिषद के नए भवन की शोभा बनेगा। परिषद ने बुधवार को इस रोड रोलर की सुध ली है।
सीकर.
शहर के आमली रोड पर बदहाल पड़ा अंग्रेजों के जमाने का रोड रोलर अब नगर परिषद के नए भवन की शोभा बनेगा। परिषद ने बुधवार को इस रोड रोलर की सुध ली है। इसे बाहर निकलवाकर साफ सफाई करवाई गई है। बाद में फाउंडेशन बनाकर परिषद के नए भवन में रखा जाएगा। वहीं परिषद के नए भवन का कार्य भी अंतिम चरण में हैं। इस वर्ष की बजट बैठक परिषद नए भवन में ही करने का प्रयास कर रही है।
1935 में इंग्लेंड से मंगवाया था
यह रोड रोलर वर्ष 1935 में इंग्लेंड से सीकर लाया गया था। इतिहासकार महावीर पुरोहित ने बताया कि सीकर में पहले मजदूर ही सडक़ बनाने का कार्य करते थे। तत्कालीन सीनियर अधिकारी कैप्टन देव ने यह रोड रोलर इंग्लेंड से मंगवाया था। जहाज से यह रोलर मुंबई पहुंचा। बाद में सीकर लाया गया। लकड़ी की भाप से चलने वाले इस रोलर से सीकर की स्टेशन रोड व सिल्वर जुबली रोड को बनाया गया। लेकिन बाद में डीजल इंजन के आने पर इसे नकारा घोषित कर बाड़े में खड़ा कर दिया गया।
कलपुर्जे निकालकर ले गए लोग
परिषद ने रोड रोलर को आमली रोड के बाड़े में खड़ा कर दिया। इस ऐतिहासिक धरोहर की सार संभाल की कोई व्यवस्था नहीं की।