
जीणमाता.
शक्तिपीठ जीणमाता का चैत्र लक्खी मेला शनिवार से घटस्थापना के साथ शुरू हो गया है। पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने जीण की चौखट पर धोक लगाई। भक्तों ने मैया को चूड़ा-चूंदडी, फूल माला और प्रसाद चढ़ाकर अपने परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। एक दो तीन चार मैया तेरी जय जयकार, जब तक सूरज चांद रहेगा जीण भवानी तेरा नाम जैसे गगनभेदी जयकारे लगाते हुए भक्तों के कदम मां जीण के दरबार में बढ़े चले आ रहे हैं। तो अनेक भक्त पैदल तो कई पेट पलानिया दरबार में पहुंच रहे है। पहले दिन मुख्य मंदिर स्थित देवी की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान करवाकर सिन्दुरी चोला अर्पित किया गया। जीणमाता मंदिर ट्रस्ट के सुरेन्द्र पुजारी, कमल जागीरदार, दिलीप पुजारी, विजय पुजारी व रिछपालसिंह चौहान ने बताया कि पूरे मंदिर को दिल्ली से मंगवाए गए विशेष फूलों से सजाया गया है। मेले के पहले दिन महाआरती के बाद माता को महाप्रसाद अर्पित कर भक्तों को वितरित किया गया। नौ दिवसीय नवरात्रा के दौरान अनेक भक्तजन माता के दरबार में रहकर नवरात्रा उपासना करने पहुंचते हैं। भक्त शुक्रवार रात से ही जीणमाता को धोक लगाने पहुंचने लगे थे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मेले में सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा सादा वर्दीधारी पुलिस टीम भी मेले में चप्पे-चप्पे पर नजर रखेगी। जेबकतरों व शराबियों के खिलाफ पुलिस विशेष अभियान चलाएगी मेले के दौरान धारा 144 लागू रहेगी तथा मेले में शराब व पशुबली पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगी।