यह जिले के आमजन के लिए चिंता की बात है। जिले में कनफेड रोग के बाद अब अजीबोगरीब वायरल ने पैर पसार लिए हैं। मेडिकल कॉलेज के सबसे बड़े कल्याण अस्पताल के मेडिसिन ओपीडी में रोज करीब चार दर्जन से ज्यादा मरीज वायरल के आ रहे हैं।
यह जिले के आमजन के लिए चिंता की बात है। जिले में कनफेड रोग के बाद अब अजीबोगरीब वायरल ने पैर पसार लिए हैं। मेडिकल कॉलेज के सबसे बड़े कल्याण अस्पताल के मेडिसिन ओपीडी में रोज करीब चार दर्जन से ज्यादा मरीज वायरल के आ रहे हैं। हाल यह है कि साधारणतया पांच से छह दिन में ठीक होने वाला वायरल हफ्तों तक ठीक नहीं हो रहा है। वायरल के हर पांचवें मरीज को उपचार की दवा देने के बावजूद भी पूरी तरह से रिकवरी नहीं हो रही है। महज दो सप्ताह में अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में वायरल के 30 प्रतिशत से ज्यादा मरीज आने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज की सैंट्रल लैब में जांचों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों के अनुसार मरीजों में तो एंटी बायोटिक दवाएं भी कम असर कर रही है। इसलिए मरीज को रिकवर होने में समय लग रहा है। चिकित्सकों की माने वायरल को साधारण समझने से और उपचार में देरी से परेशानी बढ़ जाती है।
रिपोर्ट आ रही सामान्य
एसके मेडिकल कॉलेज मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रघुनाथ प्रसाद ने बताया कि वायरल के मरीज की जांचें करवाने पर रिपोर्ट सामान्य आ रही है लेकिन मरीज जल्दी ठीक नहीं हो रहा है। आमतौर पर जब मौसम बदलता है तो यूआरआई और पैरा इन्फ्लूएंजा वायरस बढ़ता है, लेकिन इन दिनो जो वायरल फैल रहा है वो संभवत बदला हुआ स्वरूप है। हालांकि यह कौनसा वायरस है इसकी पुष्टि रिसर्च जांच के आधार पर ही हो सकती है।
घबराएं नहीं, दवा लें
सर्दी, खांसी होने पर घबराने की बजाए सावधानी बरतें। चिकित्सक की सलाह से लक्षण आधारित उपचार लें। दवा की खुराक पूरे समय तक लें। बीच में दवा नहीं छोडें। चिकित्सकों के अनुसार सर्दी व खांसी में खांसने या सांस के जरिए वायरस हाथों से पहुंचकर अन्य संपर्क में आने वालों तक पहुंचते हैं। इससे भी सं₹मण बढ़ता है। ऐसे में नियमित हाथ धोना जरूरी है। नियमित रूप से योग, प्राणायाम करें। अच्छे और शुद्ध खान-पान के जरिए रोग प्रतिरोधक क्षमता क
सावधानी रखना जरूरी
वायरस के लिए अनुकूल मौसम होने के कारण ही वायरल के मरीज तेजी से बढ़े हैं। जिसके कारण ही देरी से खांसी और बुखार ठीक हो रहा है। कल्याण अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में 30 प्रतिशत से ज्यादा मरीज वायरल के आ रहे हैं। ऐसे में सावधानी रखने की जरूरत है।
डॉ. मुकेश वर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर मेडिसिन, मेडिकल कॉलेज, सीकर