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Rajasthan Nikay Election 2026: बागियों को मनाने की सियासत के बीच भाजपा को लगा झटका, सीकर में खुला कांग्रेस का खाता

Sikar Nagar Parishad Election: नगर निकाय चुनाव के बीच भाजपा को सीकर नगर परिषद में बड़ा झटका लगा है। यहां कांग्रेस ने पहली जीत दर्ज कर ली है। वार्ड नंबर 65 से कांग्रेस प्रत्याशी माया देवी निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं।
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Sep 03, 2026
congress vs bjp
कांग्रेस-भाजपा (फाइल फोटो: पत्रिका)

सीकर। नगर निकाय चुनाव के बीच भाजपा को सीकर नगर परिषद में बड़ा झटका लगा है। यहां कांग्रेस ने पहली जीत दर्ज कर ली है। वार्ड नंबर 65 से कांग्रेस प्रत्याशी माया देवी निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। यहां भाजपा प्रत्याशी पिन्की के नामांकन फॉर्म वापस लेने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने माया देवी को विजेता घोषित किया है। इस वार्ड से निर्दलीय के तौर पर नामांकन सरिता देवी ने पर्चा भरा था, उन्होंने भी नाम वापसी के आखिरी दिन से एक दिन पहले ही पर्चा वापस उठा लिया। भाजप व निर्दलीय प्रत्याशी के अचानक नाम वापस लेने को लेकर सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं है।

वार्ड 65 से निर्दलीय के तौर पर चुनाव मैदान में उतरने वाली सरिता देवी के पति शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत है। इधर, भाजपा प्रत्याशी के नाम वापस लेने पर पूर्व विधायक रतन जलधारी काफी भावुक नजर आए उन्होंने कहा कि अपनों ने ही यह दर्द दिया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार जब सीकर नगर परिषद के 65 वार्ड में 65 उम्मीदवार उतारे गए। इसके बाद से कुछ घबराए हुए और इसी के दम पर यह साजिश रची गई है। इस मामले से जहां कांग्रेस में उत्साह नजर आया वहीं भाजपा खेमे में मायूसी नजर आई।

विजेता पार्षद के साथ कांग्रेस पदा​धिकारी। फोटो: पत्रिका

एक प्रत्याशी का सिम्बल की वजह से नामांकन रद्द

वार्ड संख्या 65 से कांग्रेस ने माया देवी को मैदान में उतारा था। वहीं भाजपा से चूका देवी और पिंकी पंवार ने नामांकन भरा। चूका देवी को टिकट नहीं मिलने की वजह से आवेदन रद्द हो गया। वहीं भाजपा ने पिंकी पंवार को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था। बुधवार को भाजपा प्रत्याशी पिंकी पंवार और निर्दलीय सरिता ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद मैदान में केवल माया देवी रह गई, जिनको विजेता घोषित किया गया।

चर्चा: समीकरण या अन्य वजह से नाम वापसी

वार्ड संख्या 65 में 60 से 70 फीसदी मतदाता मुस्लिम है। सूत्रों की माने तो वार्ड के सियासी समीकरणों को देखते हुए एक खेमे ने नाम वापस लेने का मन मंगलवार को ही बना लिया था। मंगलवार देर रात से भाजपा प्रत्याशी को मनाने का दौर जारी था। बुधवार सुबह भाजपा प्रत्याशी ने अपने परिजनों के साथ पहुंचकर नामांकन फाॅर्म वापस ले लिया। सियासी गलियारों में चर्चा है कि हार की वजह से नामांकन वापस लिया या कोई अन्य वजह थी। इस मामले में प्रत्याशी से सम्पर्क करने की कोशिश की लेकिन फोन नहीं लगा।

ऐसे समझें पर्दे की पीछे की सियासत को

भाजपा ने वार्ड संख्या 65 में जनाधार कमजोर होने के बाद भी रणनीति के तहत प्रत्याशी मैदान में उतारा था। लेकिन वार्ड संख्या छह सहित कई वार्ड में टिकट वितरण को लेकर भाजपा के ही कई कार्यकर्ता नाराज थे। भाजपा की प्रांरभिक पड़ताल में सामने आया कि भाजपा के ही कुछ बागियों के इशारे पर वार्ड संख्या 65 में खेल हो गया।

इनका कहना है

हमें तो अपनों ने लूटा गैरों में कहां दम था। पार्टी ने वरिष्ठ पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर वार्ड संख्या 65 से पिन्की पंवार को प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने किस मजबूरी के बाद नामांकन वापस लिया है इसके बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है।
-रमेश जलधारी, जिला उपाध्यक्ष, भाजपा, सीकर