यहां सात बेटियों के पिता ने दुनिया छोड़ दी। सबसे छोटी बेटी के मेहंदी रचे हाथ भी आंसुओं में धुल गए।
सुजानगढ़. राजस्थान के चूरू जिले के सुजानगढ़ ब्लॉक में हर किसी की आंखें नम कर देने वाला मामला सामने आया है। हुआ यूं कि छह दिन पहले तक जिस घर का कोना—कोना खुशियों से सराबोर था। मंगलगीत गाए जा रहे थे, मगर अचानक खुशियां मातम में बदल गई। यहां सात बेटियों के पिता ने दुनिया छोड़ दी। सबसे छोटी बेटी के मेहंदी रचे हाथ भी आंसुओं में धुल गए।
इसी दौरान बेटा और बेटी में अन्तर न मानने की मिसाल भी देखने को मिली। मंगलवार को नयाबास निवासी 61 वर्षीय हरीदास स्वामी की मौत हो गई। उनकी सात बेटियों ने न केवल कंधा दिया अपितु नाथोतालाब स्थित श्मसान घाट में सामूहिक रूप से मुखाग्नि भी दी।
रांकावत जनसेवा समिति के अध्यक्ष व शिक्षक अशोककुमार ने बताया कि हरीदास का हृदय गति रूकने से निधन हो गया। बड़ी बेटी सुनीता बिसाऊ, कौशल्या कुचामन, उर्मिला जोधासी, वंदना, रेखा व अन्तिमा बीकानेर, पूनम ने बंगलुरु से आकर अपने पिता को कंधा दिया। श्मसान में इन सातों बेटियों के अलावा भाइयों व भतीजों ने भी मुखाग्रि दी। खास बात यह थी कि सबसे छोटी बेटी अन्तिमा की शादी 12 दिसम्बर को हुई थी।