इससे पहले आरोपित पुलिस को देखकर भागने लगा। लेकिन, पुलिस ने पीछा कर उसे दबोच लिया।
सीकर. गत दिनों पहले लख्खीपुरा बस स्टैंड के पास दर्जनभर स्कूली छात्राओं से छेडछाड़ करने वाला दूसरे आरोपित निखिल कुमार को भी दादिया पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले आरोपित पुलिस को देखकर भागने लगा। लेकिन, पुलिस ने पीछा कर उसे दबोच लिया। जिसे शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। दादिया थाने के एसएचओ सुरेश चौहान ने बताया कि मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि छात्राओं को छेडऩे वाला भादवासी निवासी निखिल फरार होने के इंतजार में बगिया होटल के पास खड़ा बस का इंतजार कर रहा है। इस पर उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को मौके पर भिजवाया गया। पुलिस को देखकर निखिल भागने लगा तो पुलिस के जवानों ने उसका पीछा कर दबोच लिया और गिरफ्तार कर थाने ले आए। एसएचओ सुरेश के अनुसार छेड़छाड़ के मामले में एक आरोपित धर्मेंद्र को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
यह था मामला
सरकारी स्कूल की दर्जनभर छात्राएं स्टैंड से होकर गुजर रहीं थी। कार में सवार होकर आए धर्मेंद्र व निखिल ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और उनके साथ छेड़छाड़ करने लगे।
शांति भंग में तीन को किया गिरफ्तार
अजीतगढ़. गीताजंलि अस्पताल के सामने विभिन्न समस्याओं के विरोध में जनवादी नौजवान सभा के जिला उपाध्यक्ष अनिल यादव के नेतृत्व में गुरुवार को धरना शुरू हुआ जो रात में अनशन में बदल गया। गुरुवार रात को अनशन स्थल पर बैठे लोगों और अस्पताल कर्मचारियों के बीच हुई कहासुनी झगड़े तक पहुंच गई। सूचना पर थाना प्रभारी हिम्मत सिंह मौके पर पहुंचे और शांति भंग में अनशन कर रहे तीन जनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे जनवादी नौजवान सभा, माकपा, किसान सभा में रोष है। जनवादी नौजवान सभा के जिला उपाध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि धरना शांतिपूर्ण था। इधर गीताजंलि अस्पताल के डॉ मंगल यादव ने कहा कि हमने धरने पर बैठे लोगों से समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था। लेकिन रात को मैं अपनी पत्नी और स्टाफ जब अस्पताल के भीतर थे तब धरने पर बैठे लोगों ने मारपीट की। इसकी सूचना हमने थाने में दी। थाना प्रभारी हिम्मत सिंह ने बताया जब वे मौके पर पहुंचे तो धरने पर बैठे लोग अस्पताल के अंदर थे। हमने वहां शांति व्यवस्था कायम करते हुए तीन लोगों को शांति भंग में गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि धरने पर बैठे लोग अस्पताल द्वारा एम्बुलेंस के नाम पर ज्यादा पैसे वसूलने समेत अन्य समस्याओं को लेकर धरना दे रहे थे।