
सीकर.जिले के सबसे बड़े कल्याण अस्पताल में होने वाली सिटी स्कैन और एमआरआई की रिपोर्टिंग पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। इसकी बानगी है कि एक मरीज को सरकारी अस्पताल की जांच रिपोर्ट पर भरोसा भारी पड़ गया। अस्पताल में पीपीपी मोड पर चलने वाली सिटी स्कैन रिपोर्ट में सबकुछ सामान्य बताया। नतीजा हुआ कि मरीज का दर्द ज्यों का त्यों बना रहा। इस पर परिजन जब एक निजी अस्पताल में पहुंचे तो जांच की गई तो पता चला कि कल्याण अस्पताल में हुए सिटी स्कैन की फिल्म में साफ-साफ पसलियों में फ्रेक्चर नजर आ रहे है। इस पर परिजनों ने कल्याण अस्पताल में पूर्व में कराई सिटी स्कैन की दोबारा निजी लैब में रेडियोलॉजिस्ट से रिपोर्टिंग करवाई तो रेडियोलॉजिस्ट ने भी फ्रेक्चर की पुष्टि कर दी। जब परिजन संबंधित चिकित्सक के पास पहुंचे तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ऐसे में अब मरीज और परिजन सवाल उठा रहे हैं समय पर सही रिपोर्ट मिलती तो दर्द और परेशानी से बचा जा सकता था।
धोद के प्रेमपुरा गांव देवीलाल की 22 फरवरी को एक दुर्घटना में चोट लग गई थी। अगले ही दिन 23 फरवरी को उन्हें कल्याण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सिटी स्कैन करवाया गया। परिजनों का आरोप है कि जांच में पसली टूटी होने के संकेत दिख रहे थे, लेकिन रिपोर्ट में सब कुछ सामान्य बताया गया और मरीज को डिस्चार्ज कर दिया गया जबकि मरीज को सांस लेने में परेशानी के साथ दर्द बना रहा। परिजन रिपोर्ट सामान्य होने के कारण दर्द निवारक दवाओं के सहारे घर पर ही इलाज लेते रहे। परिजनों के अनुसार दुर्घटना के बाद ही पहली बार में ही सही रिपोर्ट मिल जाती तो समय पर इलाज हो जाता और मरीज को दर्द नहीं सहना पड़ता।
मरीज की एक सिटी स्कैन की दो अलग- अलग रिपोर्टिंग होना बेहद गलत है। दोनों रिपोर्ट की अन्य रेडियोलॉजिस्ट से हकीकत जानी जाएगी। पुष्टि होने पर दाेषी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंषा की जाएगी।
डॉ. प्रियंका अमन, अधीक्षक कल्याण अस्पताल
Updated on:
10 Apr 2026 11:30 am
Published on:
10 Apr 2026 11:30 am
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