
सीकर. गैस सिलेण्डरों से लेकर पेट्रोल-डीजल, खाद्य तेल व सब्जियों के बढ़ते दामों ने घरों का पूरा बजट बिगाड़ दिया है। पिछले एक महीने में महंगाई बढ़ोतरी का असर ज्यादातर घरों में दिखने लगा है। गैस सिलेंडर की किल्लत व महंगाई की वजह से मेहमानों की भी पूरी खातिरदारी नहीं हो पा रही है। इधर, भीषण गर्मी और लगातार चल रही लू ने जिले में सब्जी उत्पादक किसानों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सामान्य से तीन से चार डिग्री तापमान होने से खेतों में खड़ी सब्जियां झुलस रही हैं। कृषि विभाग के अनुसार जिले में छह हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लगी सब्जी फसल प्रभावित हुई है। उत्पादन घटने और गुणवत्ता खराब होने से बाजार में सब्जियों के भाव करीब दोगुने तक पहुंच गए हैं। पहले जहां 300 से 400 रुपए में सप्ताहभर की सब्जियां आ जाती थीं, वहीं अब उतनी ही सब्जियां खरीदने में 700 से 800 रुपए खर्च हो रहे हैं। वहीं कई घरों में हरी सब्जियों की मात्रा कम करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण पौधों में नमी तेजी से खत्म हो रही है। कई खेतों में फूल और छोटे फल सूखकर गिर रहे हैं। इससे मंडियों में अच्छी गुणवत्ता वाली सब्जियों की आवक घट गई है। नई फसल आने में अभी करीब एक माह का समय लगेगा, ऐसे में आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। गौरतलब है कि जिले में 11 हजार हेक्टैयर में उद्यानिकी सब्जियों की खेती की जाती है।
एक महीने में बढ़े सब्जियों के दाम
केस एक: देवीपुरा कोठी निवासी कमला देवी ने बताया कि सब्जियों के दाम इतने बढ़ गए हैं कि हर दिन नई परेशानी हो रही है। पहले बच्चों के लिए रोज हरी सब्जियां बनती थीं, अब सोच-समझकर खरीदारी करनी पड़ रही है।
गैस सिलेंण्डर ने बिगाड़ा गणित
केस दो: आनंद नगर निवासी सीमा शर्मा ने बताया कि टमाटर, मिर्च और भिंडी जैसी रोज इस्तेमाल होने वाली सब्जियां दोगुने दाम में मिल रही हैं। घर का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। गैस सिलेण्डर की बढ़ती कीमतों ने बजट बिगाड़ दिया है।
गैस संकट की वजह से मेहमानों की पूरी खातिरदारी नहीं
केस दो:
सीकर निवासी सुनयना ने बताया कि गर्मियों की छुट्टियों के साथ परिवार के अन्य सदस्यों का आना शुरू हो गया है। महंगाई और गैस संकट की वजह से बच्चों के साथ बड़ों की पूरी खातिरदारी नहीं कर पा रहे है। अभी पेट्रोल व डीजल की कीमतों में उछाल की वजह से आने वाले दिनों में और महंगाई बढ़ने क संभावना है।
सब्जी--- पहले का भाव---- वर्तमान भाव
टमाटर---10-15--- 20-25
भिंडी---20-25--- 45-50
लौकी---10-12----25-30
हरी मिर्च---15-20---30-35
खीरा---15-20---35-40
करेला---30-35--- 40-50
तुरई- 20 - 25--- 45-50
ककड़ी-15-20----35--40
टिंड़ा-25--30---40---60
बैंगन-20--25----45--50
प्याज- 15--18----22-25
धनिया- 35-40---70-80
पुदिना- 25-30---50--55
खुदरा सब्जी विक्रेता रवि सैनी ने बताया कि अधिक तापमान में सब्जियों का आकार छोटा रह जाता है और उनमें दाग पड़ने लगते हैं। इससे किसानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहे, जबकि उपभोक्ताओं को महंगी सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं। नई फसल की आवक करीब एक माह बाद शुरू होगी। तब तक बाजार में सब्जियों के दाम ऊंचे बने रहने की संभावना है। किसानों को सुबह-शाम सिंचाई और मल्चिंग जैसी तकनीक अपनाने की सलाह दी गई है।
गर्मी और लू के कारण खेतों में हरी सब्जियों के पौधे और बेल भी झुलस रही हैं। इस कारण बाजार में सब्जियों की आवक घट गई है। जो सब्जी मंडी में पहुंच रही है, वह भी गर्मी की वजह से जल्द ही खराब हो जा रहे हैं। ऐसे में भाव दो गुना तक बढ़ गए हैं।
गिरधारी सैनी, खुदरा सब्जी विक्रेता
Published on:
23 May 2026 12:08 pm
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