
निकिता, आशीष, राकेश व विजेंद्र। फोटो: पत्रिका
सीकर। भाजयुमो की प्रदेश कार्यकारिणी में सीकर जिले की धाक मजबूत हुई है। भाजयुमो की पिछली कार्यकारिणी में सीकर जिले के एक युवा को ही मौका मिला था। विधानसभा चुनाव के समय सीकर भाजयुमो की ओर से पेपर लीक के मामले में कांग्रेस सरकार को घेरने में मजबूत भागीदारी निभाई थी। इसके दम पर सीकर के पांच युवाओं को नई कार्यकारिणी में जगह मिली है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आशीष कुल्हरी व छात्र संगठन एबीवीपी में संगठन प्रभारी रहे राकेश कटराथल को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है।
कुल्हरी ने माकपा के गढ़ में सेंधमारी करते हुए एबीवीपी को जीत दिलाई थी। इसके बाद से वह लगातार सक्रिय रहे। इसी वजह से कुल्हरी को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। इसी तरह राकेश कटाराथल को पिछली कांग्रेस सरकार को जमकर घेरने का अब इनाम मिला है। छात्र राजनीति में सक्रिय रहने वाली सीकर निवासी निकिता शेखावत को प्रशिक्षण प्रभारी नियुक्त किया है। इसके अलावा भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सिंघानिया के बेटे आदित्य सिंघानिया को प्रदेश मंत्री बनाया है। सिंघानिया की नियुक्ति से सीकर भाजपा के गलियारों में तरह-तरह की सियासी चर्चाएं सामने आई। सीकर निवासी बिजेन्द्र महावा को प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त किया है। गौरतलब है कि पिछली कार्यकारिणी में सीकर जिले से नरेन्द्र पिलानियां प्रदेश उपाध्यक्ष का जिम्मा मिला था।
एबीवीपी से जुड़ी एक पदाधिकारी को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलनी तय थी। सूची जारी होने से भाजयुमो के एक पदाधिकारी ने पूर्व परिषद की शिकायत दर्ज करा दी। इसके बाद मामला आलाकमान तक पहुंच गया। ऐसे में आखिरी समय पर परिषद की पूर्व पदाधिकारी का नाम कट गया।
कांग्रेस ने भाजयुमो की नई कार्यकारिणी को लेकर सोशल मीडिया पर परिवारवाद के आरोप लगाए है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सिंघानिया के बेटे को परिवारवाद के चक्कर में सीधे प्रदेश में इन्ट्री मिली है।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष के नामों को लेकर भी सूची लगभग तैयार हो गई है। सीकर भाजयुमो जिलाध्यक्ष के लिए तीन नामों का पैनल तैयार है। सूत्रों की माने तो एक नाम दौड़ में सबसे आगे है। जबकि मौजूदा भाजपा जिला कार्यकारिणी की ओर से विकल्प के तौर पर दो नाम सुझाए गए है।
पिछली सरकार के समय पेपर लीक को आंदोलन की शुरूआत सीकर से हुई थी। भाजयुमो जिलाध्यक्ष स्वदेश शर्मा ने सीकर के युवाओं को साथ लेकर सीकर से लेकर जयपुर तक पेपर लीक के मामले में प्रदर्शन किए। इसके बाद भाजपा ने प्रदेशभर में पेपर लीक को बड़ा अभियान शुरू किया। इसमें सीकर के युवाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में आम युवाओं को जोड़ा, इसके दम पर सीकर के पांच युवाओं को पहली बार प्रदेश कार्यकारिणी में जगह मिली है।
Updated on:
23 May 2026, 8:47 AM IST
Published on:
23 May 2026, 8:47 AM IST
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