
सीकर. घर वालों को शादी में शामिल होने की बात कहकर निकले युवक का शव संदिग्ध अवस्था में शुक्रवार को तीसरे दिन ब्रदी विहार के पास मिलने पर सनसनी फैल गई। शव शादी-समारोह स्थल के पास मिलने पर परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जताते हुए दोस्तों पर आरोप लगाए और गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव नहीं उठाया। इसके बाद आश्वासन पर शाम को शास्त्री नगर निवासी मृतक जितेंद्र कुमावत का शव लेकर परिजन एसके अस्पताल से रवाना हो गए।
सीकर पुलिस के अनुसार विनोद पुत्र गिरधारीलाल ने रिपोर्ट दी है कि उसका छोटा भाई जितेंद्र बुधवार को शाम 7.30 बजे बजाज रोड दधीमथि मंदिर के पास स्थित बाइक रिपेयर की दुकान बंद कर बद्री विहार शादी में जाने को कहकर निकला था। जो कि, देर रात बाद भी जब घर नहीं लोटा तो थाना कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी गई थी। जिस पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई।
इसके बाद तीसरे दिन शुक्रवार को सुबह नौ बजे उसके छोटे भाई प्रेम कुमावत के मोबाइल पर दूसरे मोबाइल नंबरों से फोन आया कि आपका फोन मेरे पास है। एपल अस्पताल के पास आकर ले जाओ। इस पर प्रेम जितेंद्र का मोबाइल लेने पहुंचा और मोबाइल प्राप्त करने के बाद उसने उस व्यक्ति से जितेंद्र के बारे में पूछा तो उसने मौके पर ले जाकर मोबाइल जितेंद्र के पास से लेने की बात कही।
प्रेम का भाई जितेंद्र भी वहां मौकेपर मलबे के ढेर में मरा पड़ा था। इसके बाद प्रेम ने इसकी जानकारी परिजन और पुलिस को देकर मौके पर बुला लिया। जितेंद्र के भाई विनोद का आरोप है कि उसके भाई की देवकरण चौधरी, शनि राणा, अजय राणा व फौजी सहित अन्य ने मिलकर हत्या की है। इस पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मौके पर नहीं पहुंची पुलिस
मृतक के परिजनों ने गुमशूदगी में लिखा है कि बुधवार शाम शादी समारोह में जाने के बाद जब वापस घर नहीं आया तो उन्होंने उससे संपर्क साधने का प्रयास किया। रात 12.30 तक उसका मोबाइल बंद आ रहा था। इसके बाद रिश्तेदार व आस-पड़ौस में जानकारी लेने के बाद भी जब उसका सुराग नहीं लगा तो इन्होंने गुमशूदगी दर्ज करा दी। इसके बाद जितेंद्र के मोबाइल नंबरों के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की गई तो लोकेशन बद्री विहार के आस-पास आई।
मृतक के भाई विनोद का कहना था कि लोकेशन पता लगने के बाद वे लोग पुलिस को बार-बार कह रहे थे। लेकिन पुलिस वालों ने कहा कि शराब पीके कहीं पड़ा होगा। उतरेगी तो अपने आप आ जाएगा। परिजनों का आरोप था कि यदि पुलिस समय पर चेत जाती तो उसके भाई को बचाया जा सकता था। पुलिस ने जितेंद्र की लोकेशन ट्रेस होने के बावजूद कार्रवाई में लापरवाही बरती है। जबकि परिवार वालों ने जितेंद्र को खोजने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। हालांकि परिजन रुपयों के लेनदेन के मामले से इंकार कर रहे हैं और केवल 20 से 25 हजार रुपए अधारी के बता रहे हैं।
फोटो व वीडियो डिलिट किए
परिजनों का कहना है कि जितेंद्र दुकान बंद कर अपने दोस्त के भाई की शादी में बद्री विहार रवाना होने के लिए अपनी वेन लेकर गया था। इसके बाद शादी समारोह स्थल के पास जितेंद्र ने एक जानकार के घर वेन खड़ी करने के बाद वह बद्री विहार में चला गया था। जितेंद्र के परिजनों ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान खींची गई तश्वीरें और वीडियो में जितेंद्र की मौजूदगी जाहिर हो रही थी। लेकिन, उन्हें जितेंद्र के यहां आने के बारे में मना किया जा रहा था। आशंका है पकड़े जाने के डर से शादी समारोह के उसके फोटो और वीडियो डिलिट कर दिए गए हैं। अब घटना स्थल व आस-पास की गलियों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। ताकि मौत के पीछे रहे कारणों का पता लगाया जा सके।
बच्चे और भाइयों पर टूटा कहर
मृतक जितेंद्र पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। पूरा परिवार एक साथ शास्त्री नगर में ही रहता है। जितेंद्र के एक नौ साल की बेटी प्रियांशी व पांच साल का बेटा जतिन है। घटना के बाद घर में मातम का माहौल है। इधर, जितेंद्र का बड़ा भाई मनोज विदेश में रहता है। शनिवार को फ्लाइट में दुबई जाने के लिए उसने तैयारी कर रखी थी। जो कि, जितेंद्र की मौत के बाद धरी रह गई।
घर तक पहुंचा नामजद आरोपित
मृतक जितेंद्र के भाई विनोद के अनुसार देवकरण ब्याज पर रुपए लेने देने के काम से जुड़ा हुआ है। जितेंद्र बाइक रिपेयरिंग का एक नंबर का मिस्त्री था। उसके गुम होने के बाद अगली सुबह देवकरण घर पर आकर जितेंद्र के बारे में पूछताछ करके भी गया था। पकडऩे के लिए पुलिस को उसके मोबाइल नंबर दे दिए हैं। विनोद ने बताया कि घटना स्थल पर सनी, अजय आए थे। पुलिस को बताकर उनको पकड़वा दिया है। सोनू के पकड़े जाने की सूचना भी उनके पास आई है। जितेंद्र द्वारा परिजनों का फोन रिसिव नहीं करना और घटना स्थल पर अलाव तापने के निशान मिलना परिजन और पुलिस के गले नहीं उतर रहा है।
मौके पर दबोचा
जितेंद्र के शव का पता लगने के बाद घटना स्थल पर उसके साथ रहने वाले एक-दो साथी मौके पर भी पहुंचे थे। जिन पर शंका जताते हुए जितेंद्र के परिवार वालों ने वहीं दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि इससे पहले मृतक परिजनों ने घटना स्थल पर पुलिस की ढीली कार्यवाही पर आक्रोश भी जताया। गुमशूदगी के जांच अधिकारी पर भी सवाल खड़े किए। इधर, घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। लेकिन, तीन से चार संदिग्ध युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जिनसे मृतक जितेंद्र के संपकों के बारे में पूछताछ की जा रही है।