
मूंडरू (सीकर). राजस्थान के सीकर जिले के गांव मऊ के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में अजीब मामला सामने आया है। सुबह बच्चे स्कूल पहुंचे तो सैकड़ों मरी मुर्गियां देख दंग रह गए। पिछले दो दिन से स्कूल परिसर में मरी मुर्गियां डाले जाने का सिलसिला जारी है। पता ही नहीं चल रहा है इस कार्य को कौन अंजाम दे रहा है। विद्यार्थियों ने प्रदर्शन कर इसका विरोध भी जताया है।
मामले के अनुसार बीते दिनों संस्था प्रधान मृत जानवरों को डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस थाने में रिपोर्ट भी दी थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में वातावरण को दूषित करने वालों के हौसले बुलंद होते दिखाई दे रहे हैं। सोमवार को रात्रि में फिर से सैकड़ों मरी हुई मूर्गी विद्यालय परिसर में डाल गए, जिससे छात्रों में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
मुर्गियां की बदबू से आसपास का विद्यालय का वातावरण दूषित हो रहा है, जिससे ना केवल बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है बल्कि आवारा स्वान मुर्गियों के चारों ओर मंडराने से विद्यार्थियों में भय का वातावरण बना हुआ है।
विद्यालय प्रबंधन समिति की सूचना पार थानाधिकारी व अन्य अधिकारियों ने स्कूल पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। आस-पास के मूर्गी फार्मों से जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रधानाध्यापक महेंद्र सिंह ने बताया कि विद्यालय परिसर में मरी हुई मुर्गियां डालने से विद्यार्थियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस समय स्कूल में नामांकन का दौर चल रहा है। वह भी इससे प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीण महावीर सिंह शेखावत ने बताया कि मरी हुई मुर्गियां डाले जाने से वायरस और संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता है। वही मरी हुई मुर्गियों के नजदीक श्वानों का जमावड़ा होने से विद्यार्थी भयभीत रहते हैं। ग्रामीणों ने मौके पर एकत्रित होकर आक्रोश व्यक्तकिया। ग्रामीणों व प्रधानाध्यापक ने पुलिस में रिपोर्ट देकर विद्यालय परिसर के नजदीक मरी हुई मुर्गियां डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।