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लोकार्पण के बाद ‘मृत’ पड़ा मुर्दाघर

'Dead' morgue after release
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Oct 06, 2018
sikar news
लोकार्पण के बाद ‘मृत’ पड़ा मुर्दाघर


नीमकाथाना. राजकीय कपिल अस्पताल में २२ माह पहले लाखों की लागत से तैयार हो चुका नया मुर्दाघर खुलने की बाट जो रहा है। दिसंबर २०१६ में सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर ने राजकीय कपिल अस्पताल में नया मुर्दाघर व एसएनसीयू वार्ड का लोकार्पण कर शुभारंभ किया था। अस्पताल में पिछले दिनों एसएनसीयू वार्ड तो शुरू हो गया।
मगर मुर्दाघर पर अभी भी ताले लटके हुए है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मुर्दाघर में जो उपकरण आए है वे अभी इंस्टॉल नहीं हो पाए है। इसके अलावा डी-फ्रीज भी नहीं लगने से मुर्दाघर नहीं शुरू हो पा रहा है। पुराने मुर्दाघर में सीमित साधन नहीं होने के कारण पोस्टमार्टम करने में चिकित्सक परेशान होते हैं। कई बार बड़ा हादसा होने के कारण पुराने मुर्दाघर में जगह कम होने से शवों को नीचे ही रखना पड़ता है। ऐसे में पोस्टमार्टम करने के दौरान चिकित्सकों को खड़े होने की समस्या हो जाती है।
अस्पताल में लाखों की लागत से बनाया गया नया मुर्दाघर में शवों को रखने के लिए डी-फ्रीज की सुविधा भी है ताकि अज्ञात मुर्दों को
कुछ दिन तक डी-फ्रीज में रखा जा सके। इससे परिजनों को मृतक की सूचना लगने पर शव को ले जा सके। नया मुर्दाघर शुरू नहीं होने से पुलिस को मजबूरी में दूसरे दिन ही शव का अंतिम संस्कार करवाना पड़ता है। ऐसे में अज्ञात मुर्दा की अगर शिनाख्त भी हो जाए तो परिजनों को निराशा ही मिलती है।
पुराने मुर्दाघर में पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों को बाहर धूम में बैठना पड़ता है। जबकि नए चीरघर में परिजनों को बैठने के लिए उत्तम व्यवस्था है।
बरसात के मौमस में तो परिजन काफी परेशान हो जाते हैं। पुरानी मार्चरी के सामने पानी भरा होने से मुर्दों को पानी के अंदर से ले जाना पड़ता है। अज्ञात मुर्दा चीरघर में पड़ा होने से बरसात के मौसम में शुक्राणुओं के फैलने का डर रहता है।
बड़ा बीहड़ को तालछापर जैसा विकसित किया जाना चाहिए
रामगढ़ शेखावाटी. राजस्थान पत्रिका के जन एजेंडा अभियान के तहत फतेहपुर विद्यानसभा के रामगढ़ कस्बे में बैठक हुई। बैठक में स्वच्छ बने राजनीति, अपराधिक पृष्ठभूमि के नेताओं को बेनकाब करने पर मंथन हुआ। इसके अलावा शहर की समस्याओं व विकास के मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
लोगों ने कि वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था में चुनावों में विकास का मुद्दा न होकर जातिवाद हावी हो रहा है। राजस्थान पत्रिका के चेंजमेकर अभियान की सराहना करते हुए कहा इस प्रकार के कार्यक्रमों से लोगों में जागरूकता आएगी। पत्रिका का यह अभियान अच्छे उम्मीदवार चुनने के लिए जागृति लाने वाला प्रयास है। स्कूल संचालक गोवर्धन रूकनसर ने कहा कि शहर व गावों में आवारा पशुओं की बड़ी समस्या है । इसका समाधान हो सकता है। रामगढ़ में बड़ा बीहड़ क्षेत्र है जिसको तालछापर के तर्ज पर विकसित कया जा सकता है। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी रेखाराम खीचड़ ने कहा कि कस्बे में एसबीआई बैंक की शाखा होने के बावजूद उपकोष कार्यालय नहीं है। उपखण्ड में एसडीएम का पद तीन साल से रिक्त है। व्यापारी प्रशांत सैनी ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। इसलिए प्रसूताओं को बच्चों को परेशानी हो रही है। युवा भाजयुमो नेता रवि चौहान ने कहा कि कस्बे में ट्रैफिक बड़ी समस्या है। नेशनल हाईवे से झुंझुनूं जाने वाले रास्ते तक बाईपास बनने पर ही राहत मिल सकती है। युवा नेता विष्णु चोटिया ने कहा कि पीजी कॉलेज में स्नातक में गणित विषय नहीं है। छात्रों को सीकर या चूरू जाना पड़ता है। भाजपा शहर अध्यक्ष मनोज पडि़हार ने कहा कि सीवरेज कार्य काफी धीमा चल रहा है। इससे समस्या हो रही है। व्यापारी विकास ने कहा कि यहां पुलिस में एसएचओ का पद सब-इंस्पेक्टर का है जबकि सीआई व डीएसपी का पद भी होना चाहिए। व्यापारी प्रमोद लुडिया ने कहा कि बस स्टैंड पर रोडवेज की बसे नहीं आती हैं। इस कारण आमजन को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Published on:
06 Oct 2018 02:52 am