इस पर शुक्रवार देर शाम को मृतक के परिजनों को ठेकेदार द्वारा 8 लाख रुपए देने का समझौता हुआ।
मावण्डा.
एक वर्ष पहले विदेश में कमाने गए गांव बिहार निवासी मदन कुमावत की दो दिन पहले संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। शुक्रवार शाम को मृतक के शव को फतेहपुर निवासी ठेकेदार रामपाल जाट जयपुर लेकर पहुंचा।
ग्रामीणों ने युवक की हत्या की आशंका जताते हुए शव को रखकर ठेकेदार पर मुकदमा दर्ज करवाने व शव का पोस्टमार्टम करवाने की मांग पुलिस के सामने रखी। इस पर शुक्रवार देर शाम को मृतक के परिजनों को ठेकेदार द्वारा 8 लाख रुपए देने का समझौता हुआ।
इसके बाद परिजनों ने मृतक का अंतिम संस्कार किया। मामले के अनुसार मदनलाल को विदेश लेकर गए ठेकेदार रामपाल ने एयरपोर्ट पर परिजनों को शव सुपुर्द कर स्वयं तो वहां से फरार हो गया तथा अपने दूसरे साथी को शव के साथ जाने के लिए कह गया। दूसरा ठेकेदार भी मृतक मदनलाल के घर जाने की बजाए पाटन थाना में ही रुक गया।
तब ग्रामीणों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार रामपाल से बात करने की कोशिश की मगर उससे बात नहीं हो पाई। सूचना से मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाईश कर शव का अंतिम संस्कार करने की बात कही, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
मृतक के भतीजे मिन्टू कुमावत ने बताया कि उसके चाचा मदनलाल को एक वर्ष पूर्व ठेकेदार रामपाल जाट ओमान देेश में कमाने लेकर गया था। अचानक दो दिन पहले ठेकेदार ने उसके चाचा की मौत होने की सूचना दी। शुक्रवार को सुबह मामले में मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पाटन थाना पहुंचे।
वहा पर समाधान नहीं निकला तो सभी ग्रामीण एकत्रित होकर उपखंड अधिकारी जेपी गौड़ व पुलिस उपाधीक्षक दिनेश यादव को पूरे मामले से अवगत करवाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आने की बात कहते हुए ग्रामीणों व ठेकेदार को आपस में मामले को अपने स्तर पर निपटाने की बात कही। तब जाकर शाम को मामला 8 लाख रुपये देने पर समझौता हुआ।