
शहर में डेंगू का डंक, ३३ से ज्यादा जगह गंदा पानी भरा, जिम्मेदार कौन
नालियों में बहता है पानी, जिम्मेदारों की अनदेखी फैला रही डेंगू: चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि
सीकर. शहर में डेंगू बीमारी के पूरी तरह पैर पसार लिए है लेकिन नगर निकाय और चिकित्सा विभाग अभी भी गहरी नींद में सोए हैं। इसकी बानगी है डेंगू मच्छर ने अपना स्टेन बदल लिया है लेकिन जिम्मेदार अभी भी पुराने तरीके से फोगिंग में महज पाइरेथ्रियम का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे न तो मच्छर मर रहा है और न ही बीमारी नियंत्रण में आ रही है। रही सही कसर चिकित्सा विभाग की ओर से ग्रामीण अंचल में सक्रिय झोलाछापों पर निगाह नहीं रखने से हो रही है। पिछले एक सप्ताह से मरीज के साथ होने वाली लूट खसोट के कई मामले सामने आ चुके लेकिन विभाग ने इस ओर ध्यान तक नहीं दिया है। एेसे में महज प्लेटलेटस में कमी आने के नाम पर मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पिछले २४ घंटे में शहर के निजी और सरकारी अस्पताल के आंकडों को देखा जाए तो ३ नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। जिले में करीब ३३ जगह एेसी है जहां ताजा पानी बहता रहता है। इसमें से १२ जगह सीकर शहर और २१ जगह जिले के विभिन्न इलाकों में है। डेंगू को लेकर डब्ल्यूएचओ की गाइड के अनुसार डेंगू का मच्छर साफ पानी के साथ उस गंदे पानी में पनप सकता है जहां किसी भी रुप से ताजा बहता है। शहर में अधिकांश जगह गंदे पानी की नालियों से होकर पानी की पाइप लाइन गुजरती है। जिनमें लीकेज के कारण साफ पानी भी बहता रहता है। इसके अलावा सडक़ निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को नालियों में दबा दिया गया।
जिम्मेदार खामोश
नगर परिषद जिम्मेदारों की ओर से न तो नालियों की नियमित रूप से सफाई कराई जाती है। चिकित्सा विभाग ने नगर परिषद को फोगिंग का तो जिम्मा दे दिया लेकिन फोगिंग करने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण ही दिया हुआ नहीं है।
& डेंगू मच्छर के नियंत्रण के लिए शहर में एक साथ सात फोगिंग मशीन लगाई है। टीम लगातार शहर में संदिग्ध मरीजों की जांच करवा रही है। फोगिंग खराब होने जैसी कोई बात नहीं है।
डॉ. सीपी ओला, डिप्टी सीएमएचओ
आठ दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
पत्रिका न्यू•ा नेटवर्क
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सीकर. सैकडों पुलिसकर्मी और दर्जनों दबिश देने के बाद भी कोतवाल मुकेश कानूनगो व कांस्टेबल रामप्रकाश के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। जबकि घटना को बीते आठ दिन गुजर चुके हैं। हालांकि फायरिंग की वारदात के थोड़ी देर बाद मोहल्ला नायकान में गोली चलाने के आरोप में पुलिस ने दिनेश उर्फ लारा व कैलाश नागौरी को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन, पुलिसवालों पर गोली दागने वाले मुख्य आरोपी अजय चौधरी व जगदीप उर्फ धनकड़ सहित उनके बाकी साथी अभी फरार चल रहे हैं। जिनका सुराग पुलिस अभी तक नहीं लगा पाई है। पुलिस के अनुसार घटना के बाद से सीकर सहित पड़ौसी जिलों में भी नाकाबंदी का दौर जारी है। लेकिन, आरोपी पकड़ में नहीं आ पाए हैं। एेसे में संभावना जताई जा रही है कि हमलावर क्षेत्र से कहीं दूर जा पहुंचे हैं। अन्यथा इतनी कड़ी सुरक्षा के बीच उनकी खोज-खबर से महरूम रहना पुलिस के भी गले नहीं उतर रहा है। हालांकि बावजूद इसके पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देश पर गठित टीमें संदिग्ध जगहों पर दबिश देने में जुटी हुई है। सूचना मिलने वाले हर क्षेत्र को बारीकी से खंगाला जा रहा है। एसओजी व एटीएस भी फतेहपुर में डेरा डाले हुए हैं। इधर, बीकानेर रेंज के आईजी एमएन दिनेश व पुलिस अधीक्षक ने फतेहपुर क्षेत्र का दौरा कर पुलिस को हर वक्त अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष कार्य योजना तैयार करने के लिए पुलिस लाइन में भी पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर कौताही नहीं बरतने की हिदायत दी गई है।