
सीकर .सियासी रण में पांच मंत्रियों की प्रतिष्ठा भी दावं पर रहेगी। वहीं दो प्रत्याशी हैट्रिक लगाने की तैयारी में है। खंडेला विधानसभा सीट पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री महादेव सिंह खंडेला व मौजूद सरकार में चिकित्सा राज्य मंत्री बंशीधर बाजिया की प्रतिष्ठा सबसे ज्यादा दावं पर लगी हुई है।
वहीं सीकर विधानसभा सीट पर पूर्व उद्योग मंत्री राजेन्द्र पारीक व धोद में पूर्व मंत्री परसराम मोरदिया की राजनैतिक पारी का सबसे बड़ा मैच है। वहीं नीमकाथाना विधानसभा सीट से सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर को कांग्रेस ने खुली चुनौती दी है। इन सबकी किस्मत का फैसला मंगलवार को होगा। दूसरी तरफ लक्ष्मणगढ़ विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी गोविन्द सिंह डोटासरा व खंडेला से भाजपा प्रत्याशी बंशीधर बाजिया इस बार हैट्रिक लगाने के हिसाब से मैदान में है।
माकपा का भी तय होगा भविष्य
यह चुनाव माकपा के लिए भी कई मायनों में खासा महत्वपूर्ण है। पिछले चुनाव में मोदी लहर की वजह से माकपा की धोद व दांतारामगढ़ सहित अन्य सीटों पर करारी हार हो गई थी। एेसे में इस बार माकपा ने पूरे पांच साल जनता की प्रमुख समस्याओं को आंदोलन का रुप देकर भुनाया। एेसे में यदि माकपा यहां से फिर जीतती है तो बड़ा जीवनदान होगा।
निर्दलीय से जुड़ी है जनता की उम्मीद
शेखावाटी के रण में हर चुनाव में जनता ने कई विधानसभा सीटों से निर्दलीयों का भी दामन थामा है। पिछले चुनाव की बात करें तो फतेहपुर विधानसभा सीट से नंदकिशोर महरिया ने जीत हासिल की। वहीं नवलगढ़ व मंडावा विधानसभा क्षेत्र से भी निर्दलीय जीते। हालांकि इस बार दो निर्दलीय उम्मीदवारों ने पार्टियों का दामन थाम लिया।
कोई भी जीते शेखावाटी से मंत्री तय
सरकार चाहे किसी की भी बने लेकिन मंत्रिमण्डल में शेखावाटी का पलड़ा हमेशा भारी रहा है। भाजपा सरकार में चिकित्सा, पंचायतीराज, देवस्थान विभाग शेखावाटी के नेताओं को मिले। वहीं दो विधायकों को आयोग में अध्यक्ष का दर्जा भी मिला। इसी तरह पिछली कांग्रेस सरकार की बात करें तो उद्योग, शिक्षा, चिकित्सा, श्रम, ऊर्जा सहित अन्य विभाग शेखावाटी के नेताओं के पास रही। वहीं गहलोत सरकार में विधानसभा अध्यक्ष भी सीकर जिले से रहे।