सीकर

तो इसलिए मिली यहां भाजपा को हार

सरकार विरोधी माहौल ने रोकी भाजपा की जीत
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Dec 13, 2018
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भाजपा के दिग्गज जुटे शेखावाटी की हार की समीक्षा में
सीकर . सीकर जिले में भाजपा की हार के पीछे मुख्य वजह सरकार विरोधी माहौल ही रहा। इस माहौल को भुनाने में सफल कांग्रेस ने सीधे-सीधे मैच को अपने पाले में ले लिया। जिले में सिर्फ एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी महादेव सिंह खंडेला जीते है। खंडेला के भी कांग्रेस में दुबारा शामिल होने की पूरी संभावना है। एेसे में जिले की आठों सीट कांग्रेस के खाते में गई है। दूसरा चुनाव परिणाम में रोचक तथ्य यह रहा कि सरकारी कर्मचारियों के वोट बैंक में कांग्रेस ने पूरी तरह सेंध लगा ली। एेसे में फतेहपुर व दांतरामगढ़ के चुनावी रण में नजदीकी मुकाबले में भाजपा हार गई। चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेसी खेमे में जहां बुधवार को उत्साह का माहौल रहा। वहीं भाजपा हार की समीक्षा में जुट गई है।
हारे हुए को जीत महारे हुए मुकाबले को जीत में बदला कांग्रेस नेें बदला कांग्रेस ने
कर्जा माफी के बाद भी किसानों को जोड़े रखा
भाजपा सरकार ने कर्जामाफी के जरिए किसानों को राहत देने की कोशिश की थी। शेखावाटी में इसका श्रेय लेने की माकपा व भाजपा ने पूरी कोशिश की। लेकिन कांग्रेस ने मेरा बूथ मेरा सम्मेलन सहित अन्य कार्यक्रमों के जरिए किसानों को आखिरी समय तक अपने साथ जोड़े रखा। वहीं किसानों को सम्पर्ण कर्जा माफी का आश्वासन देकर वोट बैंक में भी बदलना शुरू कर दिया।
महरिया फैक्टर: सभी सीटों पर दिखा असर
इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के कुनबे में भाजपा के एक दिग्गज नेता सुभाष महरिया भी जुड़ गए। महरिया सभी सीटों पर खास असर रखते है। एेसे में महरिया का वोट बैंक सीधे तौर पर कांग्रेस में शामिल हो गया। महरिया ने इसकी शुरूआत धोद से की। इसके बाद सभी क्षेत्रों में प्रत्याशियों के साथ जनसभाएं कर लोगों को जोड़ा।
सोशल मीडिया: भाजपा रही काफी पीछे
ज्यादातर चुनाव में सोशल मीडिया में आगे रहने वाली भाजपा इस बार काफी पिछड़ गई। सीकर जिले की कांग्रेस सोशल मीडिया टीम ने चुनाव प्रचार के दौरान जनसम्पर्क व भाजपा की जन विरोधी नीतियों को जमकर भुनाया। एेसे में कांग्रेस सभी वर्गो को अपने साथ लेकर आने में
सफल रही।

Published on:
13 Dec 2018 08:36 pm