
शेखावाटी से एकमात्र मंत्री बने श्रीमाधोपुर विधायक झाबर सिंह खर्रा को मंत्रिमण्डल के बंटवारे में अहम विभाग दिया गया है। खर्रा को स्वायत्त शासन व नगरीय विकास विभाग का मंत्री बनाया गया है। शेखावाटी के नेता को पहली बार यूडीएच विभाग दिया गया है। खर्रा को पंचायतीराज, कृषि व पशुपालन जैसा विभाग मिलने की आस थी, लेकिन सीएम ने खर्रा पर भरोसा जताते हुए यूडीएच जैसा बड़ा महकमा दिया है। खर्रा को स्वायत्त शासन विभाग मिलने की जानकारी मिलते ही शेखावाटी में कई स्थानों पर आतिशबाजी कर जश्न मनाया गया। इस दौरान राजस्थान पत्रिका ने नव नियुक्त यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा से खास बातचीत की। खर्रा ने कहा कि विभाग से भ्रष्टाचार को खत्म करना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी।
पत्रिका: यूडीएच विभाग सीधे तौर पर जनता से जुड़ा महकमा है। आपकी क्या प्राथमिकता रहेगी।
खर्रा: प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार इस विभाग से भ्रष्टाचार को दूर करना पहली प्राथमिकता रहेगी।
पत्रिका: नगर निकायों के निजी आय नहीं बढ़ाने की वजह से ज्यादातर नगर निकाय सरकार के भरोसे है। इससे जनता की उम्मीदों के हिसाब से प्रोजेक्टों को मंजूरी नहीं मिल पाती है।
खर्रा: प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में कदम उठाएंगे जाएंगे। इससे हर गरीब का आशियाने का सपना पूरा हो सके। आमजन को साथ लेकर पीएम मोदी के सपने को साकार किया जाएगा। निश्चित तौर पर कुछ नवाचार किए जाएंगे जिससे नगर निकायों की आमदनी शुरू हो सके।
पत्रिका: विकास की रफ्तार धीमी होने के साथ सुनियोजित विकास भी महज एक सपना है। इस दिशा में क्या कदम उठाया जाएगा।
खर्रा: पिछली सरकार की ओर से चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए असमान तरीके से विकास के प्रोजेक्टों को शुरू किया गया। इस वजह विकास सुनियोजित और समान तरीके से नहीं हो सकेगा। हमारी सरकार का विजन है बिना किसी भेदभाव के विकास करना।
पत्रिका: पट्टे व भवन निर्माण स्वीकृति जैसे कार्य के लिए आमजन को काफी परेशान होना पड़ता है।
खर्रा: हर व्यक्ति की समस्या का निश्चित समय सीमा में समाधान कराने की कोशिश रहेगी। आमजन को और कैसे राहत दे सकते है इस दिशा में और प्लान किया जाएगा।