झुंझुनूं जिले के बिसाऊ कस्बे के चार छात्रों के इस गेम की गिरफ्त में आने का मामला सामने आया है।
बिसाऊ. मौत के खेल ब्लू व्हेल को लेकर राजस्थान में चौंका देने वाला खुलासा हुआ है। प्रदेश के जोधपुर के बाद अब झुंझुनूं में छात्रों के इस गेम की गिरफ्त में आने का मामला सामने आया है। एक नहीं बल्कि चार छात्र ब्लू व्हेल गेम खेल रहे थे। ये छात्र अल सुबह चार बजे छत पर नंगे पांव ब्लू व्हेल गेम खेलते थे। इनमें से एक छात्र चौथी व तीन अन्य छात्र 17वीं, 40वीं व 50वीं स्टेज के करीब पहुंच गए थे।
यूं समझें पूरा मामला
-मामला झुंझुनूं जिले के बिसाऊ कस्बे के राजकीय जटिया उमा विद्यालय में सामने आया है।
-संस्था प्रधान कमलेश तेतरवाल सुबह प्रार्थना सभा में बच्चों को ब्लू व्हेल गेम के खतरों के बारे में बता रहे थे।
-प्रार्थना के बाद एक छात्र ने अपने साथियों के बीच ब्लू व्हेल गेम को खेलने की जानकारी दी।
-इस पर तेतरवाल ने उक्त छात्र को बुला कर पूछा गया तो उसने सारी सच्चाई बता दी।
-छात्र ने बताया कि वह अब इस स्टेज पर गेम को नहीं छोड़ सकता। ऐसा करने पर वे उसके परिजनों की जान ले लेंगे।
-छात्र की मानें तो गेम खिलाने वाले ने उसके पिता के फोन नम्बर व पता ले रखा है। खेल बीच में छोडने वो उसके मम्मी-पापा को मार देंगे।
-इसके बाद तेतरवाल ने उसके घर से मोबाइल मंगवा कर देखा तो ब्लू व्हेल गेम उसमें इन्सटॉल था।
फेसबुक से मिला गेम का लिंक
गेम खेलना शुरू कर चुके कक्षा 9 के छात्र ने प्रधानाचार्य कमलेश कुमार तेतरवाल को बताया कि उसने मोबाइल पर फेसबुक आईडी बना रखी है। एक दिन अचानक से गेम खेलने का लिंक आया और उस पर क्लिक करते ही ब्लू व्हेल गेम मोबाइल में अपने आप ही डाउनलोड हो गया।
तीन और छात्र हैं गेम की गिरफ्त में!
-ब्लू व्हेल गेम की दो स्टेज पार कर चुके जटिया स्कूल की कक्षा 9 के छात्र के मुताबिक इस गेम को कस्बे के तीन लडक़े भी अपने मोबाइल में खेल रहे हैं। उनमें से एक तो गेम की आखरी स्टेज के पास पहुंच चुका है। बकौल छात्र एक अज्ञात युवक कस्बे में रामलीला के दौरान उसके पास आता और उसे ब्लू व्हेल गेम की टास्क पूरी करने में सहयोग करता।
मनोचिकित्सक ने की काउंसलिंग
तेतरवाल की सूचना पर जिला कलक्टर के आदेश पर झुंझुनूं से आए मनोचिकित्सक डॉ कपूर थालौर ने गेम खेल रहे बच्चे के साथ काउंसलिंग की। दूसरी ओर माध्यमिक शिक्षा के उप निदेशक महेन्द्र चौधरी, सहायक निदेशक सुभाष माचरा एवं सुभाष महलावत स्कूल पहुंचे और मामले को गंभीर मानते हुए छात्र को समझाइश करते हुए आत्मघाती खेल से दूर रहने की नसीहत दी।