
राजस्थान के सीकर जिले के पाटन कस्बे के हरिपुरा गांव में 14 दिन पहले हुई चार वर्षीय मासूम नमन की हत्या पड़ौसी गांव के नाबालिग किशोर ने की थी। हत्या से पहले आरोपी ने मासूम के साथ कुकर्म भी किया था। पुलिस ने उसे निरुद्ध कर बुधवार शाम को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि हरिपुरा गांव से 6 मार्च को एक चार वर्षीय नमन के घर से लापता होने की रिपोर्ट मिली थी। हर और तलाश करने पर भी उसका पता नहीं चला। इसी बीच 18 मार्च को एक श्वान पहाड़ी से एक कटा हुआ पैर लेकर गांव पहुंचा। जिसकी जानकारी पर पुलिस ने मौके पर ऑपरेशन चलाया तो नमन का शव बरामद हुआ। पुलिस उप अधीक्षक अनुज डाल के नेतृत्व में टीम का गठन कर मामले की जांच की तो उसमें नाबालिग किशोर द्वारा उसकी हत्या किया जाना सामने आया।
डीजे की आवाज सुन बाहर आया था मासूम
पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन नमन एक बारात के डीजे की आवाज सुनकर घर से बाहर आया था। तभी डीजे पर नाच रहे किशोर की नजर उस पर पड़ी तो चॉकलेट देने का झांसा देकर वह उसे साथ ले गया। फिर उसे पहाडिय़ों में लगे बेर खिलाने की बात कहकर पहाडिय़ों के बीच खोल में ले गया। जहां उसके साथ कुकर्म करने के बाद उसने मासूम की हत्या कर दी।
पेड़ से बांधकर दबाया गला
कुकर्म के बाद आरोपी ने मासूम नमन के हाथ तथा गले को रस्सी से बबूल के पेड़ से बांध दिया। फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद नाबालिग किशोर पहाड़ी से नीचे उतरकर अपने घर चला गया। उसके बाद नाबालिग किशोर सामान्य तरीके से रोज हरिपुरा गांव में आता रहा।
झाड़ी पर टंगे कपड़ों ने बदली जांच की दिशा
नमन का शव मिलने के बाद पुलिस के सामने हत्याकांड का खुलासा बड़ी चुनौती बन गया। पर इस बीच मासूम का शव नग्न अवस्था में मिलने और उसके कपड़े शव से करीब 100 मीटर दूर एक झाड़ी पर टंगे मिलने पर पुलिस को उसके साथ कुकर्म होने का संदेह हुआ। इसी दिशा में जांच करते हुए पुलिस को आखिरी बार नमन का नाबालिग किशोर के साथ देखे जाने का पता चला। जिसे पकडकऱ पूछताछ करने पर उसने वारदात कबूल कर ली।