11 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कौन हैं संतोष देवी? राजस्थान की पहली महिला किसान ब्रांड एंबेसडर बनीं, अब किसानों को देंगी ट्रेनिंग

सीकर जिले के बेरी गांव की प्रगतिशील किसान संतोष देवी खेदड़ ने जैविक बागवानी में नवाचार कर प्रदेशभर में पहचान बनाई है। शुष्क इलाके में सेब उगाने से लेकर सैकड़ों किसानों को खेती के गुर सिखाने तक, उनका सफर प्रेरणादायक है। अब राजस्थान की पहली महिला किसान ब्रांड एंबेसडर एवं ट्रेनर के रूप में वह किसानों को खेती गुर सिखाएंगी।
2 min read
Google source verification

सीकर

•

image

Kamal Mishra

•

Oct 11, 2026

Santosh Devi Khedar

Santosh Devi Khedar: प्रगतिशील किसान संतोष देवी (फोटो-सोशल मीडिया)

सीकर। राजस्थान में खेती को नई दिशा देने और किसानों तक जैविक व प्राकृतिक कृषि पद्धतियों की जानकारी पहुंचाने के लिए सीकर जिले की प्रगतिशील किसान संतोष देवी खेदड़ को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। कृषि आयुक्तालय ने उन्हें प्रदेश की पहली महिला किसान ब्रांड एंबेसडर एवं ट्रेनर नियुक्त किया है। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने गुरुवार को जयपुर में उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। अब संतोष देवी कृषक प्रशिक्षणों और कार्यशालाओं के माध्यम से किसानों को खेती के अपने अनुभव साझा करेंगी और उन्हें नई तकनीकें अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी।

संतोष देवी की पहचान केवल एक प्रगतिशील किसान के रूप में नहीं, बल्कि खेती में प्रयोग करने और उनके परिणामों से दूसरे किसानों को सीख देने वाली नवाचारी महिला के तौर पर भी है। वह पिछले 18 वर्षों से जैविक खाद और जैविक कीटनाशकों का उपयोग कर फलदार पौधों की बागवानी कर रही हैं। अपने अनुभवों के आधार पर उन्होंने रिसर्च सेंटर भी विकसित किया है, जहां से अब तक सैकड़ों किसान बागवानी के गुर सीख चुके हैं।

शुष्क इलाके में सेब उगाकर बनाई पहचान

संतोष देवी के नवाचारों में सेब की खेती खास है। उन्होंने वर्ष 2015 से अपने रिसर्च सेंटर में एचआरएमएन-99 किस्म के सेब के पौधे तैयार करना शुरू किया था। अब ये पौधे विकसित होकर 100 से अधिक पेड़ों का रूप ले चुके हैं। सीकर के शुष्क वातावरण और जून की भीषण गर्मी के बावजूद उनके बगीचे में सेब का उत्पादन हो रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक पेड़ से करीब 70 किलो तक सेब पैदा होते हैं। यह प्रयोग दर्शाता है कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तकनीक और देखभाल अपनाकर किसान बागवानी में नए विकल्प तलाश सकते हैं।

उनके बगीचे में सेब के अलावा रेड जापानी अमरूद, अंजीर, अनार, किन्नू, चीकू और बेर सहित कई फलदार पौधे भी हैं। विविध फलों की बागवानी के जरिए उन्होंने खेती में नए प्रयोगों की संभावनाएं सामने रखी हैं।

कोलसिया गांव की बेटी, नवलगढ़ में की पढ़ाई

संतोष देवी मूल रूप से झुंझुनूं जिले के कोलसिया गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने नवलगढ़ में दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने बागवानी के क्षेत्र में काम शुरू किया और अपने प्रयोगों व अनुभवों के दम पर अलग पहचान बनाई। इस काम में उनके पति रामकरण सिंह खेदड़ और कृषि विज्ञान में एमएससी कर चुके बेटे राहुल खेदड़ का भी सहयोग मिलता है।

जिला स्तर से राष्ट्रपति भवन तक मिला सम्मान

खेती और बागवानी में योगदान के लिए संतोष देवी को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई बार सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2016 में उन्हें कृषि वैज्ञानिक की पदवी मिल चुकी है। वर्ष 2018 में राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर तथा वर्ष 2021 में केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान, बीकानेर और एआईपीसी राजस्थान की ओर से उन्हें सम्मान मिला। वर्ष 2019 में आईएफएस के राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्हें किसान वैज्ञानिक के रूप में नवाजा गया। जून 2024 में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली ने उन्हें नवोन्मेषी किसान के रूप में सम्मानित किया। गणतंत्र दिवस 2026 पर राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उन्हें सम्मानित किया।

अब किसान ब्रांड एंबेसडर एवं ट्रेनर की नई जिम्मेदारी के जरिए संतोष देवी का अनुभव प्रदेश के अधिक किसानों तक पहुंचेगा। उनके प्रशिक्षण से जैविक, परंपरागत और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ बागवानी में नवाचार अपनाने के प्रयासों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

यह वीडियो भी देखें :