7 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan Cyber Crime: ‘हमारी शादी के वीडियो हैं… प्लीज जरूर देखना’, लिंक पर क्लिक करते ही खाता साफ

Sikar Cyber Fraud: साइबर ठग अब शादी की खुशियों और लोगों की भावनाओं को भी ठगी का हथियार बना रहे हैं। वे व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी शादी का निमंत्रण, होटल का पता, वेडिंग कार्ड अथवा प्री-वेडिंग फोटो-वीडियो भेजकर मोबाइल में सेंध लगा रहे हैं।
2 min read
Google source verification

सीकर

•

image

Anil Prajapat

•

Oct 07, 2026

Rajasthan Cyber Crime

साइबर क्राइम। फोटो: एआई

सीकर। साइबर ठग अब शादी की खुशियों और लोगों की भावनाओं को भी ठगी का हथियार बना रहे हैं। वे व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी शादी का निमंत्रण, होटल का पता, वेडिंग कार्ड अथवा प्री-वेडिंग फोटो-वीडियो भेजकर मोबाइल में सेंध लगा रहे हैं। इनके साथ संदिग्ध एपीके फाइल या फिशिंग लिंक भेजा जाता है। फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल हो सकता है, जिससे निजी फोटो, कॉन्टैक्ट, एसएमएस, पासवर्ड, ओटीपी और बैंकिंग संबंधी जानकारी साइबर ठगों तक पहुंच सकती है।

साइबर क्राइम विंग (R4C) के अतिरिक्त महानिदेशक वीके सिंह ने बताया कि इस संबंध में विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। ठग मैसेज भेजते हैं- “आपका हार्दिक स्वागत है, हमारी शादी का कार्ड और होटल का पता भेजा है” या “प्री-वेडिंग की फोटो और वीडियो है, जरूर देखना।” इसके साथ एपीके एक्सटेंशन वाली फाइल भेजी जाती है। जबकि शादी का कार्ड, फोटो या वीडियो देखने के लिए एपीके फाइल डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होती।

फर्जी वेबसाइट के लिंक से भी निशाना

साइबर ठग एंड्रॉयड मोबाइल यूजर्स को शादी का निमंत्रण, होटल बुकिंग या वेडिंग कार्ड देखने के नाम पर फिशिंग लिंक भेज रहे हैं। कई मामलों में परिचित का व्हाट्सऐप अकाउंट हैक कर उसके नाम से मैसेज किया जाता है- “भाई, शादी का कार्ड भेजा है, मैं जल्दी में हूं।” ऐसे लिंक पर क्लिक करते ही ठग मोबाइल की निजी और संवेदनशील जानकारी चोरी कर सकते हैं।

ऐप डाउनलोड हो जाए तो तुरंत ये करें

गलती से संदिग्ध ऐप डाउनलोड हो जाए तो तुरंत इंटरनेट बंद कर फोन को फ्लाइट मोड पर करें। संदिग्ध ऐप को अनइंस्टॉल कर मोबाइल को विश्वसनीय सिक्योरिटी एप्लिकेशन से स्कैन करें। एम-कवच 2 या ई-स्कैन बॉट रिमूवल टूल का उपयोग करें। ठगी होने पर तुरंत cybercrime.gov.in या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। राजस्थान साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 पर सूचना देने के साथ नजदीकी पुलिस थाने में भी शिकायत करें।