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‘कोई नहीं रहेगा कुंवारा, सभी को बनाऊंगी दूल्हा…’ शेखावाटी में क्यों बना चुनावी मुद्दा?

शेखावाटी में पंचायत चुनाव के बीच शादी का मुद्दा प्रमुख चर्चाओं में शामिल हो गया है। झुंझुनूं जिले की युवती का वीडियो वायरल होने के बाद अब कुंवारों की शादी और लुटेरी दुल्हन के मुद्दे पर लोग खुलकर चर्चा कर रहे हैं। आखिर शेखावाटी में शादी की समस्या, दूसरे राज्यों से रिश्ते और लुटेरी दुल्हनों के गिरोह की वास्तविक स्थिति क्या है? पढ़ें विस्तार से।
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सीकर

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Kamal Mishra

•

Oct 10, 2026

Rajasthan Panchayat Election

Rajasthan Panchayat Election: कुंवारों की शादी कराने का वादा (फोटो- सोशल मीडिया)

सीकर। शेखावाटी में कुंवारों की शादी और लुटेरी दुल्हनों की बढ़ती संख्या अब चुनावी मुद्दा भी बनने लगी है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद अब पंचायत चुनाव में भी कई दावेदारों की ओर से शादी को मुद्दा बनाया जा रहा है। पिछले कई दिनों से झुंझुनूं जिले की एक दावेदार का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इसमें वह युवाओं को संबोधित करते हुए कहती है कि चुनाव जीतते ही वह यहां से बिहार के लिए स्पेशल ट्रेन चलाएगी और सभी कुंवारे युवकों की शादी कराकर लाएगी।

इस वीडियो को जहां कई लोग मजाक के तौर पर ले रहे हैं, वहीं कई समाजों में इस समस्या पर खुलकर बहस भी शुरू हो गई है। दरअसल, शेखावाटी में वर्ष 1999 से लेकर 2018 तक लिंगानुपात में काफी तेजी से गिरावट आई थी। ऐसे में शादी में देरी होने पर युवकों के परिजनों ने दूसरे राज्यों तक शादी के प्रस्ताव भेजने भी शुरू कर दिए।

दूसरे राज्यों में शादी के बाद बढ़ी समस्या

इस दौरान कई युवाओं के रिश्ते मणिपुर, बिहार, ओडिशा सहित कई राज्यों में हुए। इसके बाद दलाल गिरोह ने शादी के नाम पर ठगी का खेल शुरू कर दिया। इससे यह पूरा मामला चर्चा में आ गया। कई दलाल गिरोहों की ओर से युवकों से शादी के नाम पर मोटी रकम ली जाती है। इसके बाद दुल्हन के फरार होने पर मामला पुलिस तक पहुंच जाता है।

हर साल 20 से अधिक मामले हो रहे दर्ज

शेखावाटी में हर साल लुटेरी दुल्हनों के 20 से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं। शादी के बाद गहने लेकर फरार होने के मामलों में कई बार पीड़ित परिवारों की ओर से धरना देकर आंदोलन भी किए जा चुके हैं। कई मामलों की जांच में सामने आ चुका है कि दलाल गिरोह युवकों को 8 से 10 लाख रुपए में शादी कराने का झांसा देते हैं।

विधानसभा चुनाव में भी गूंजा था मुद्दा

विधानसभा चुनाव में भी यहां शादी का मामला गूंजा था। इस दौरान कई नेताओं ने शादी के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी रोकने के लिए कठोर कानून बनाने का युवाओं को आश्वासन दिया था।

शेखावाटी में शादी इसलिए कई परिवारों के लिए समस्या

शेखावाटी के कई क्षेत्रों में शादी की समस्या भी बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि शेखावाटी में लिंगानुपात कम होने की वजह से पहले यह समस्या शुरू हुई। इस दौर में दूसरे राज्यों से शादी करने का चलन शुरू हो गया। अब यहां की बेटियों की साक्षरता दर काफी आगे है। इस वजह से भी कई परिवारों के सामने समस्या बढ़ गई है। वहीं, अधिक शिक्षित परिवारों में समकक्ष युवक-युवती का रिश्ता तलाशना भी एक चुनौती बना हुआ है। ऐसे में यहां आटा-साटा की परंपरा भी तेजी से बढ़ रही है।

लिंगानुपात गिरा तो पीएम ने शेखावाटी से दिया संदेश

शेखावाटी में गिरते लिंगानुपात का मुद्दा पहले भी चर्चा में रह चुका है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में झुंझुनूं जिले से बेटी बचाओ अभियान के तहत राष्ट्रीय पोषण मिशन का देश के 640 जिलों में शुभारंभ किया था। इसके बाद लोगों में जागरूकता भी बढ़ी। शेखावाटी के तीनों जिलों में बेटी बचाओ अभियान के तहत तेजी से काम हुआ।

7.1 फीसदी महिला मतदाता कम

सीकर जिले की 16 पंचायत समितियों में कुल 16 लाख 93 हजार 52 मतदाता हैं। इनमें 8 लाख 77 हजार 570 पुरुष, 8 लाख 15 हजार 471 महिला और 11 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। यानी जिले में पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या 62,099 कम है। महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से 7.1 फीसदी कम है। कुल मिलाकर जिले में हर एक हजार पुरुष मतदाताओं पर 929 महिला मतदाता हैं।

खंडेला में सबसे ज्यादा, बलारां में सबसे कम मतदाता

सीकर जिले में कुल मतदाताओं की संख्या के लिहाज से खंडेला सबसे बड़ा पंचायत समिति क्षेत्र है। यहां 2 लाख 24 हजार 942 मतदाता हैं। इसके बाद नीमकाथाना में 1 लाख 53 हजार 712 और श्रीमाधोपुर में 1 लाख 32 हजार 524 मतदाता हैं। वहीं, बलारां में सबसे कम 69 हजार 292 मतदाता हैं। लक्ष्मणगढ़ में 90,290 और पाटन में 93,582 मतदाता पंजीकृत हैं।

शेखावटी के तीनों जिलों के लिंगानुपात

झुंझुनूं का लिंगानुपात: 930
सीकर का लिंगानुपात: 947
चूरू का लिंगानुपात: 940

एक नजर में पंचायत समितिवार मतदाता लिंगानुपात

लक्ष्मणगढ़ — 971
बलारां — 964
नेछवा — 956
फतेहपुर — 950
दांतारामगढ़ — 949
धोद ग्रामीण — 948
धोद— 945
पलसाना — 941
खाचरियावास — 940
रामगढ़ शेखावाटी — 930
पिपराली — 926
श्रीमाधोपुर — 923
खंडेला — 921
अजीतगढ़ — 902
नीमकाथाना — 884
पाटन — 879

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