Funeral of Constable Kamlesh Kumar At Ajitgarh : निकटवर्ती दिवराला की ढाणी त्रिलोक सिंह वाली निवासी कांस्टेबल कमलेश कुमार सैनी को बुधवार को सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
सीकर/अजीतगढ़।
Funeral of Constable Kamlesh Kumar At Ajitgarh : निकटवर्ती दिवराला की ढाणी त्रिलोक सिंह वाली निवासी कांस्टेबल कमलेश कुमार सैनी को बुधवार को सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सीकर के लाल को अंतिम सलामी देने लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। दोपहर डेढ़ बजे कमलेश की पार्थिव देह जैसे ही घर पहुंची तो कोहराम मच गया। मां, पिता गोकुल सैनी, दादा रूडाराम छोटा भाई जितेन्द्र सहित परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। अंत्येष्टि में पहुंचे पुलिस के जवान सहित ग्रामीण परिजनों को ढांढ़स बंधाते रहे। दोपहर दो बजे शव की अंतिम यात्रा निकाली गई। जिसमें काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। राजस्थान पुलिस के जवानों ने अंतिम सलामी दी। कांस्टेबल कमलेश को छोटे भाई जितेंद्र ने मुखाग्नि दी।
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इस दौरान राजस्थान पुलिस, जीआरपी पुलिस अधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने पार्थिव देह पर पुष्प चक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। बता दें कि भरतपुर में मंगलवार को 23 वर्षीय कांस्टेबल कमलेश ( Constable Kamlesh Died During Police Training ) पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में दौड़ के दौरान अचानक गिर पड़ा। जिसे पुलिस के जवानों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भरतपुर एसपी हैदर अली ने इसकी सीकर पुलिस अधीक्षक को दी और सीकर पुलिस ने इसकी सूचना परिजनों को दी। कमलेश का शव बुधवार को उनके पैतृक गांव दिवराला की ढाणी त्रिलोक सिंह जी वाली पहुंचा। जहां सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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1 साल पहले की भर्ती हुआ था अजमेर से
ट्रेनी कांस्टेबल कमलेश कुमार सैनी 1 साल पहले ही जीआरपी पुलिस में अजमेर से भर्ती हुआ था। उनकी ट्रेनिंग अंतिम दौर में चल रही थी। दो भाइयों में कमलेश कुमार बड़ा था। छोटा भाई जितेंद्र कुमार पढ़ाई कर रहा है। कमलेश के पिता गोकुल चंद हलवाई व मजदूरी काम करते है। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर है। कमलेश की नौकरी लगने पर आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। उसकी मौत के बाद परिवार फिर टूट गया।
नौकरी की मांग
ग्रामीणों ने श्रीमाधोपुर के पूर्व विधायक झाबर सिंह खर्रा के नेतृत्व में नीमकाथाना के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार अग्रवाल, कमांडर यशपाल त्रिपाठी, पुलिस उप अधीक्षक नारायण राम को जीआरपी के अधिकारियों और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर परिवार के सदस्य को नौकरी देने की मांग की है। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण एक लाख रुपए की सहायता की मांग रखी गई।