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शादी के 6 माह बाद ही तिरंगे में लिपटा घर आया जवान, अंतिम विदाई में उमड़ा पूरा गांव

Funeral of ITBP Jawan Rakesh Kumar : जम्मू-कश्मीर में तैनात आईटीबीपी के जवान राकेश कुमार डोटासरा की खुद की राइफल से गोली लग गई जिससे उसकी मौत हो गई।
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सीकर

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Vinod Singh Chouhan

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Updated: 21 Aug 2019, 5:33 PM IST

शादी के 6 माह बाद ही तिरंगे में लिपटा घर आया जवान, अंतिम विदाई में उमड़ा पूरा गांव

शादी के 6 माह बाद ही तिरंगे में लिपटा घर आया जवान, अंतिम विदाई में उमड़ा पूरा गांव

फतेहपुर.

Funeral of ITBP Jawan Rakesh Kumar : जम्मू-कश्मीर में तैनात आईटीबीपी के जवान राकेश कुमार डोटासरा की खुद की राइफल से गोली लग गई जिससे उसकी मौत हो गई। मंगलवार को जवान का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। एक बार तो ग्रामीणों ने शहीद का दर्जा देने की मांग और स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारी नहीं पहुंचने के चलते शव लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में समझाइस से मान गए। सुबह करीब ग्यारह बजे जवान राकेश कुमार डोटासरा का सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। जानकारी के अनुसार उदनसरी गांव निवासी राकेश कुमार डोटासरा चार वर्ष पहले भारत तिब्बत बार्डर पुलिस में भर्ती हुआ था। वर्तमान में उसकी ड्यूटी के राजौरी सेक्टर के पूंछ मेंढर क्षेत्र में थी। रविवार को राकेश कुमार ड्यूटी पर था, इसी दौरान दुर्घटनावश खुद की राइफल से गोली चल गई, गोली राकेश कुमार के सीने में लगी, इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

राकेश की इसी वर्ष फरवरी में शादी हुई थी। चार भाई व एक बहन में सबसे छोटे राकेश था। शव पहुंचते ही राकेश की पत्नी, मां संभालने से भी नहीं संभल रही थी। राकेश की मौत की खबर सोमवार तक घर की महिलाओं को नहीं बताई गई थी। शव लेकर आएं आईटीबीपी के जवानों से राकेश को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। राकेश के बड़े भाई को तिरंगा भेंट किया। इस दौरान पूर्व विधायक नन्द किशोर महरिया, याकूब खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष, कांग्रेस शहर अध्यक्ष आमीन लहरा, भाजपा नेता गोवर्धन सिंह ठेकेदार, नरेन्द्र जांगिड़, सूर्य प्रकाश शर्मा, मूलचन्द्र गांगियासर, पंचायत समिति सदस्य विकास भास्कर, एसडीएम रेणु मीणा, सदर थानाधिकारी आलोक पूनियां आदि मौजूद रहे।

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राकेश कुमार डोटासरा की मौत ड्यूटी के दौरान हुई थी। मंगलवार को आईटीबीपी के ट्रक में राकेश कुमार का शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने शव को गांव के गुवाड़ में रोक लिया। ग्रामीणों का कहना था कि जब ड्यूटी पर ही मौत हुई है तो फिर शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए। इस पर एसडीएम रेणू मीणा, सदर थानाधिकारी आलोक पूनियां मौके पर पहुंचे व ग्रामीणों से समझाइस की तो ग्रामीण मान गए। इसके बाद शव घर ले जाया गया।

छह माह पहले हुई थी शादी
राकेश कुमार डोटासरा की शादी इसी वर्ष फरवरी माह में शादी हुई थी। राकेश करीब एक माह पहले ही छुट्टी आकर वापस ड्यूटी गया था। राकेश ने आखिरी बार 16 अगस्त को घर पर फोन कर बात की थी, इस दौरान उसने ड्यूटी के बारे में बताया था। 15 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर भी घर पर पूरी बात बताई थी। 16 अगस्त के बाद राकेश की घर पर कोई बात नहीं हुई। 18 अगस्त को हादसा हो गया। राकेश की अचानक मौत से हर कोई सकते में है। लोग समझ नहीं पा रहे है, आखिर राइफल से गोली कैसे चली।