
सीकर.
Shekhawati में Lok Sabha Election 2019 के बाद फिर गैंगवार Gangwar की आहट हो गई है। इसका केन्द्र इस बार Sikar का फतेहपुर क्षेत्र हैं। वहां पर आपसी रंजिश में खून के प्यासे अनिल पांडिया ( criminal Anil Pandya ) और अजय रिणवा ( Ajay Rinwa ) फिर जेल से बाहर आ गए हैं। दोनों की पिछले दिनों जमानत होने के बाद वहां पुलिस भी सक्रिय हो गई। इनका गिरोह से सीकर से लेकर चूरू जिले तक फैला हुआ है। दोनों ही गिरोह के अपराधी यहां पर सक्रिय है। पिछले दिनों चूरू में गिरफ्तार अजय रिणवा गिरोह के अपराधी कुलदीप बाजिया और रामस्वरूप से पूछताछ में इस तरह के तथ्य सामने आए हैं।
जेल से चलाते थे गिरोह
फतेहपुर क्षेत्र के खांजी का बास निवासी अनिल पांडिया और फतेहपुर निवासी अजय रिणवां के बीच दुश्मनी जग जाहिर है। दोनों ही जेल से गिरोह का संचालन कर रहे थे। जेल में रहने के दौरान भी एक दूसरे हत्या का प्रयास किया। अजय रिणवां की हत्या के लिए अनिल पांडिया ने हिस्ट्रीशीटर महेन्द्र गौदारा को तैयार किया था। लेकिन सूचना मिलने पर सीकर और चूरू पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हथियार बरामद कर लिए। इसके बाद अजय रिणवां ने वर्ष 2017 में गाजसर के श्रवण कुमार, रामस्वरूप व अन्य से महेन्द्र गौदारा की गोली मारकर हत्या करवा दी। अनिल पाङ्क्षडया फतेहपुर के बिरजू ठेकेदार की हत्या के मामले में गिरफ्तार हुआ। पुलिस ने बाद में इनके खिलाफ पासा एक्ट में भी कार्रवाई की, लेकिन अब दोनों ही अपराधी जमानत पर बाहर आ गए हैं।
हथियार पुलिस के लिए परेशानी
पुलिस के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि दोनों ही के गिरोह से कई अपराधी जुड़े हुए हैं। साथ ही इनके पास घातक हथियार भी है। साथ ही दोनों सार्प शूटर भी है। सोशल मीडिया पर भी कई बार घातक हथियारों के साथ अपनी फोटो पेस्ट कर चुके हैं। लेकिन अभी तक यह हथियार बरामद नहीं हो पाए हैं।
अपराधी अजय रिणवांं और अनिल पांडिया के जमानत पर बाहर आने की जानकारी मिल गई है। दोनों के बीच रंजिश के चलते पुलिस उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रही है। वर्तमान में दोनों के फतेहपुर क्षेत्र में नहीं होने की जानकारी मिली है। -कुशाल सिंह, पुलिस उप अधीक्षक, फतेहपुर