धोद पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में प्रधान ओमप्रकाश झीगर की मौजूदगी में हुई। बैठक में पानी, बिजली, झोलाछाप चिकित्सक व महिला एवं बाल विकास विभाग में हुए पोषाहार के घपलों को लेकर अफसर जमकर घिरे।
धोद पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में प्रधान ओमप्रकाश झीगर की मौजूदगी में हुई। बैठक में पानी, बिजली, झोलाछाप चिकित्सक व महिला एवं बाल विकास विभाग में हुए पोषाहार के घपलों को लेकर अफसर जमकर घिरे। पेयजल के मामले में खुद प्रधान ओमप्रकाश झीगर ने यहां तक कह दिया कि जब-जब छोटी शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हो रहा है तो फिर इससे बड़ी लापरवाही क्या हो सकती है। बैठक में पंचायत समिति सदस्य मदन मेघवाल ने कहा कि झोलाछाप चिकित्सकों पर क्या कार्रवाई हुई। इस पर चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कार्रवाई कर दी। इस पर उप जिला प्रमुख शोभ सिंह अनोखू ने कहा कि हमारे गांव में झोलाछाप चिकित्सक है। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। सदस्यों ने कहा कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों का यह हाल है तो फिर अन्य सदस्यों का क्या होगा। बैठक में सांसद सुमेधानंद सरस्वती व धोद विधायक गोरधन वर्मा भी मौजूद रहे।
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सरपंचों में तकरार
बैठक की शुरूआत में सरपंचों में तकरार भी हुई। सरपंच चूनाराम फौजी ने कहा कि नेतड़वास ग्राम पंचायत ने एेसा कौनसा काम किया है। जिस कारण उनका प्रस्ताव राष्ट्रीय स्तर पर भिजवाया गया। इस बीच अनोखे सरपंच पोखर रणवां ने कहा कि काम करने वालों को तो सम्मान मिलता ही है। मामला और तूल पकड़ गया। उधर मूण्डवाडा सरपंच ने गांव-ढाणियों की पेयजल समस्या का मामला उठाया। इस पर विभाग के अधिकारियों ने सात दिन में समस्याओं का समाधान कराने की बात कही। वहीं मूंग की सरकारी खरीद का भुगतान नहीं होने का मामला उठाया तो सासंद सुमेधानंद सरस्वती से तकरार हो गई।