
नीमकाथाना. परियोजना की आंगनबाड़ी कार्मिकों की समीक्षा मीटिंग का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग जिला उपनिदेशक संजय चेतानी ने बताया कि वर्तमान में चीन में तेज बुखार के साथ फेफड़ों को फूला देने वाली रहस्यमयी बीमारी फैल रही है, जो ज्यादातर छोटे बच्चों को ही अपना शिकार बना रही है। यह बीमारी भी कोरोना की तरह संक्रामक है। इस बीमारी से पीड़ित बच्चों में न्यूमोनिया की तरह तेज बुखार, खांसी, जुखाम जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं। हालांकि यह बीमारी अभी भारत में नहीं फैली है, लेकिन सावधानी आवश्यक है सभी आगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चो में यदि किसी भी बच्चे में यह लक्षण दिखाई देवे तो उसकी निकटतम हॉस्पिटल में डॉक्टर से जांच अवश्य करवाई जाए।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर दी जाने वाली सेवाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सभी लाभार्थियों को पूरक पोषहार और नेपकिन नियमित रूप से वितरित किए जाए तथा केंद्रों पर शाला पूर्व शिक्षा के लिए आने वाले बच्चों को नियमित रूप से सुबह का नाश्ता और गर्म खाना दिया जाए। साथ ही शाला पूर्व शिक्षा निर्धारित रूप से दी जाए। इसके अतिरिक्त पोषण ट्रेकर एप पर बच्चों का वजन और ऊंचाई नियमित रूप से माह की 10 तारीख तक आवश्यक रूप से दर्ज कर दी जाए और जो बच्चे कुपोषित चिन्हित होते हो, उन्हें निकटतम एमटीसी केंद्र पर भर्ती करवाया जाए।
10 दिसंबर से शुरू होने वाले पल्स पोलियो अभियान की चर्चा करते हुए सभी आंगनबाड़ी कार्मिकों को इस अभियान में पूर्ण सहयोग देने हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर महिला पर्यवेक्षक सरोज इंदुलिया, कनिष्ठ लिपिक गोविंद सिंह उपस्थित थे। मीटिंग में भगेगा, भराला, भगोठ, दरीबा, टोडा, हीरानगर, केरोडा, खादरा, महावा, निमोद, मालनगर, मानपुरा अंटाला आदि केंद्रों की कार्यकर्ता उपस्थित थी।