
मूंडरू पीड़ित परिवार के साथ खड़े ग्रामवासी. Photo- Patrika
राजस्थान के सीकर जिले के मूंडरू कस्बे की ग्राम पंचायत मऊ में एक निजी फाइनेंस कंपनी द्वारा मकान सील करने के बाद चार दिन से बेघर घूम रहे पीड़ित परिवार के समर्थन में ग्रामीण उतर आए हैं। ग्रामीणों ने सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर मकान का ताला तोड़ दिया और पीड़ित परिवार को दोबारा घर में प्रवेश कराया।
जानकारी के अनुसार, मऊ निवासी बाबूलाल जाट ने साल 2022 में एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी से अपने मकान पर लोन लिया था। वह नियमित रूप से 18 हजार रुपए प्रति महीना की किस्त चुका रहा था। लेकिन पिछले कुछ समय से आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के चलते वह पिछले 14 महीने से लोन की किस्तें नहीं दे पा रहा था।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे पीड़ित परिवार को मोहलत देने के बजाय प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने क्रूर रवैया अपनाया। 26 सितंबर को कंपनी के कारिंदों ने जबरन मकान पर ताले लटकर उसे सील कर दिया।
इसके बाद से पीड़ित बाबूलाल अपने चार मासूम बच्चों और वृद्ध मां के साथ पिछले चार दिनों से इस कड़कड़ाती धूप और खुले आसमान के नीचे बेघर रहने को मजबूर था।
मामले की भनक लगते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। माकपा के तहसील सचिव विजेंद्र सिंह और ओमप्रकाश यादव, बबलू सिंह, नितेंद्र प्रताप सिंह नेतृत्व में सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण पीड़ित बाबूलाल जाट के घर के बाहर जमा हो गए।
ग्रामीणों ने फाइनेंस कंपनी की इस मनमानी और तानाशाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर कंपनी द्वारा लगाए गए तालों को तोड़ दिया और पीड़ित परिवार को ससम्मान मकान के अंदर दाखिल करवाया। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी गरीब को इस तरह बेघर करने की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Updated on:
01 Oct 2026 04:05 pm
Published on:
01 Oct 2026 04:05 pm
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