
सीकर. निजी स्कूलों से प्रतिस्पद्र्धा में आगे निकलने व सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के तहत शिक्षा विभाग की ओर से एक और नवाचार किया जा रहा है। इसके तहत अब जल्द ही सरकारी स्कूलों के ट्विटर अकाउंट खोले जाएंगे। प्रतिस्पद्र्धा के दौर में निजी स्कूलों से आगे बढऩे के लिए शिक्षा विभाग ने नवाचार करते हुए सोशल मीडिया का सहारा लेने का निर्णय किया है। ट्विटर अकाउंट से स्कूलों में नामांकन में बढ़ोतरी, स्कूलों से जुड़ी अन्य जानकारी आदि अधिकारियों को समय पर भेजी जा सकेंगी।
वहीं शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों के संस्था प्रधानों को दिशा-निर्देश भी आसानी से जारी किए जा सकेंगे। साथ ही इससे यह भी फायदा होगा कि स्कूलों में हो रहे नवाचारों की जानकारी अन्य स्कूलों के संस्था प्रधानों को मिल सकेगी।
स्कूल का होगा हाइटेक प्रचार-प्रसार
सरकारी स्कूलों के ट्विटर अकाउंट खुलने से सरकारी स्कूल भी हाई टेक हो जाएगी। इससे सरकारी स्कूलों को प्रचार-प्रसार के लिए एक नया प्लेटफार्म मिल सकेगा। ट्विटर से सरकारी स्कूलों का भी निजी स्कूलों की तरह व्यापक प्रचार-प्रसार हो सकेगा। माना जा रहा है कि सरकारी स्कूलों का प्रचार प्रसार बढ़ेेगा तो इससे स्कूलों के नामांकन के साथ शैक्षिक स्तर पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
ये सूचनाएं होंगी अपलोड
ट्विटर अकाउंट में स्कूल में होने वाली गतिविधियों, स्कूल में उपलब्ध सुविधाएं, शैक्षणिक स्तर, शिक्षकों के नाम, विद्यार्थियों की संख्या, स्कूल के फोन नम्बर, 10वीं, 12वीं का परिणाम, खेल मैदान आदि की जानकारी अपलोड करनी होगी।
इनका कहना है...
जल्द ही सरकारी स्कूलों में संस्था प्रधानों की ओर से ट्विटर अकाउंट बनाए जाएंगे। जिसमें स्कूलों में होने वाली गतिविधियों को अपलोड किया जाएगा।
लक्ष्मीनारायण बड़ीवाल, जिला शिक्षा अधिकारी, झुंझुनूं.
सरकारी स्कूलों के ट्विटर एकाउंट खोले जाएंगे। इससे जहां सरकारी स्कूल भी हाईटेक होगी। वहीं, इससे स्कूलों को प्रचार प्रसार का भी एक बड़ा प्लेट फार्म मिल जाएगा।
विक्रम सिंह शेखावत, अतिरिक्त जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी, सीकर