सीकर

Shekhawati News: समारोह में बोले राज्यपाल- झटपट नौकरी मिले तो शादी के लिए जल्द मिल सकती है लड़की

Governor Haribhau Bagade: सीकर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावटी विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने युवाओं को डिग्री के साथ कौशल विकसित करने का संदेश दिया।

2 min read
Mar 29, 2026
समारोह में सम्मानित करते राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े। फोटो: पत्रिका

सीकर। सीकर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावटी विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने युवाओं को डिग्री के साथ कौशल विकसित करने का संदेश दिया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर जोर देते हुए कहा कि रोजगार मिलने से जीवन की अन्य राहें भी आसान हो जाती हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावटी विश्वविद्यालय, सीकर का छठा दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित हुआ।

समारोह में 90 हजार विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि 39 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा तीन विशिष्ट व्यक्तियों को पीएचडी की मानद उपाधि भी प्रदान की गई। समारोह के बाद आयोजित कार्यक्रम में तीन शख्सियतों को ‘शेखावाटी शिरोमणि’ तथा पांच विद्वानों को ‘शेखावाटी भूषण’ सम्मान से नवाजा गया।

ये भी पढ़ें

Rajasthan Anganwadi Centre: आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के लिए आए मुरमुरे में दीमक लगी मिली, पैकेट खोलते ही निकली मिट्टी

समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री प्राप्त करना शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने युवाओं को यूपीएससी और आरपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यूपीएससी और आरपीएससी की परीक्षाएं बहुत कठिन होती हैं। इन परीक्षाओं में छात्राएं ज्यादा सफलता हासिल कर रही हैं। डिग्री के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करो। झटपट नौकरी मिली तो जल्द ही शादी के लिए लड़की भी मिल सकती है।

कौशल विकास पर जोर

राज्यपाल ने कहा कि केवल डिग्री के भरोसे रोजगार मिलना कठिन है, इसलिए हर युवा के पास व्यावहारिक कौशल होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान कौशल और कला की समृद्ध भूमि है। रणकपुर स्थित भगवान महावीर मंदिर का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि इसकी भव्य नक्काशी और निर्माण में 64 वर्ष लगे, जो यहां की शिल्पकला की उत्कृष्टता को दर्शाता है। उन्होंने युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर भी प्रेरित करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर बनकर न केवल खुद आगे बढ़ें, बल्कि समाज के प्रति भी जिम्मेदारी निभाएं।

मुगलों का इतिहास पढ़ाया, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी को भूले

राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने कहा कि हमें मुगलों का इतिहास पढ़ाया गया और औरंगजेब व अकबर को ताकतवर व होशियार था यह पढ़ाया गया। जिसे पढ़कर हमारा हौसला बढ़े, ऐसे महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज के बारे में नहीं पढ़ाया गया। आक्रांताओं ने हमारी शिक्षा पद्धति बदल दी और तक्षशिला नालंदा जैसे शिक्षण संस्थाओं को तहस-नहस कर दिया। मुगलों ने लोगों का धर्मांतरण किया और काटा भी, मारा भी था, यह संकट भी हमने सह लिए थे।

दीनदयाल उपाध्याय शोध केन्द्र और ‘प्रेरणा स्थल’ का लोकार्पण

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार स्थित ‘प्रेरणा स्थल’ एवं ‘शौर्य की दीवार’ का उद्घाटन किया। इसके उपरांत उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध केंद्र का लोकार्पण किया व हस्तशिल्प प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। कुलसचिव श्वेता यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान सहायक कुलसचिव परीक्षा डॉ. आरसी मीना, सहायक कुलसचिव संपदा कन्हैया लाल जांगिड़, निदेशक आईटी पंकज मील समेत गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मंच संचालन डॉ. रेनू महलावत और डॉ. नीतू सिंह ने किया।

ये भी पढ़ें

Rajasthan: राजस्थान में नए सत्र की तैयारियों के बीच शिक्षा विभाग की बड़ी चूक आई सामने, असमंजस में ये स्टूडेंट्स

Also Read
View All

अगली खबर