सीकर

झालावाड़ हादसे के बाद बोले डोटासरा- यह वक्त पक्ष-विपक्ष का नहीं, जवाबदेही का है; सभी विधायकों से की ये भावुक अपील

Jhalawar School Tragedy: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने झालावाड़ के मनोहर थाना क्षेत्र के पीपलोदी गांव में हुए स्कूल हादसे के बाद संवेदनशील पहल की है।
2 min read
Jul 26, 2025
Govind Singh Dotasara
गोविंद सिंह डोटासरा, फोटो- एक्स हैंडल

Jhalawar School Tragedy: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने झालावाड़ के मनोहर थाना क्षेत्र के पीपलोदी गांव में हुए स्कूल हादसे के बाद संवेदनशील पहल की है। उन्होंने सीकर जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर अपने विधायक कोष से लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में स्कूल भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य जन उपयोगी भवनों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए बजट स्वीकृति की मांग की है।

डोटासरा ने स्कूलों के लिए लिखा पत्र

डोटासरा ने इस पहल को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की और कहा कि यह समय पक्ष-विपक्ष की राजनीति का नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का है।

डोटासरा ने अपने पत्र में लिखा कि लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कई ग्रामों और कस्बों में स्थित सरकारी स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और जन उपयोगी भवन जर्जर अवस्था में हैं। विशेष रूप से मानसून के दौरान इन भवनों की छतों से रिसाव, दीवारों में सीलन और संरचनात्मक क्षति की समस्या बढ़ गई है। इससे विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा खतरे में है।

MLALAD राशि स्वीकृत करने का किया आग्रह

उन्होंने जिला कलेक्टर से आग्रह किया कि विभागीय अधिकारियों से मरम्मत कार्य का ब्यौरा तैयार करवाकर विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MLALAD) के तहत राशि स्वीकृत की जाए।

उन्होंने प्रस्ताव में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय भवनों की मरम्मत, आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार कार्य और जन उपयोगी भवनों के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता दी है। डोटासरा ने जोर देकर कहा कि इन कार्यों से न केवल सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि भविष्य में झालावाड़ जैसे दुखद हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा।

यहां देखें वीडियो-


जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम माना

उन्होंने अपने बयान में लिखा कि आइए, हम सब राजनीति से ऊपर उठकर जनता के प्रति अपनी जवाबदेही निभाएं। ताकि फिर किसी स्कूल से चीखें न सुनाई दें, किसी मां की गोद सूनी न हो, किसी परिवार का चिराग न बुझे और झालावाड़ जैसे हादसे दोबारा न हों। गौरतलब है कि डोटासरा की इस पहल को जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Updated on:
26 Jul 2025 02:00 pm
Published on:
26 Jul 2025 01:13 pm