
कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी। फोटो: पत्रिका
खाटूश्यामजी। खाटू नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सोमवार को शुरू हुआ सियासी संग्राम मंगलवार तक जारी रहा। मतदान के दिन लापता हुई वार्ड 10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी को पुलिस ने 13 घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद मंगलवार सुबह करीब दस्तयाब कर लिया। पुलिस ने लक्ष्मी देवी को उनके पति हरलाल को सौंप दिया। इधर, एक कांग्रेसी पार्षद के मिलने पर राज्य चुनाव आयोग ने नए सिरे से कलैण्डर जारी कर दिया है। अब खाटूश्यामजी नगर पालिका में अध्यक्ष का चुनाव 25 सितम्बर को होंगे। पहले कांग्रेस पार्षद का मतदान होगा, इसके बाद मतों की गणना होगी।
गौरतलब है कि पार्षद के अपहरण का मामला दर्ज होने के बाद सोमवार देर रात तक पुलिस जुटी रही। दरअसल, सोमवार 21 सितंबर को नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए मतदान होना था। वार्ड 10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी दोपहर 2 बजे तक मतदान स्थल पर नहीं पहुंचीं। इसके बाद उनके पति हरलाल ने पुलिस थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तलाश शुरू कर दी और चुनाव स्थल पर भी पूरे घटनाक्रम को लेकर हलचल बढ़ गई। डीवाईएसपी राजेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक लुणावत के सुपरविजन में पार्षद की तलाश के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने विभिन्न स्रोतों और तकनीकी माध्यमों से जानकारी जुटाते हुए लगातार तलाश की।
मंगलवार सुबह लक्ष्मी देवी का पता लगने के बाद उन्हें दस्तयाब कर थाने लाया गया। बाद में पुलिस ने लक्ष्मी देवी को दस्तयाब कर न्यायालय में पेश किया। अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को स्थिति स्पष्ट कर दी। आयोग ने अध्यक्ष पद का स्थगित चुनाव एवं परिणाम 25 सितंबर को पूर्ण कराने के निर्देश दिए है। वहीं उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 26 सितंबर को होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राजेश वर्मा की ओर से 22 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया।
आदेश में बताया गया कि आयोग के 21 सितंबर के पत्र के माध्यम से खाटूश्यामजी नगर पालिका के अध्यक्ष पद के चुनाव एवं परिणाम को स्थगित किया गया था। अब आयोग के निर्देशानुसार स्थगित चुनाव प्रक्रिया 25 सितंबर को पूर्ण कराई जाएगी। गौरतलब है कि 21 सितंबर को अध्यक्ष पद के मतदान के दौरान वार्ड 10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी देवी के मतदान स्थल पर नहीं पहुंचने के बाद चुनाव प्रक्रिया रोक दी गई थी।
पार्षद के मतदान के लिए नहीं पहुंचने के कारण जिला निर्वाचन अधिकारी कपिल उपाध्याय ने मतदान का समय करीब चार बार बढ़ाया। निर्वाचन विभाग की ओर से लंबे समय तक इंतजार किया गया, लेकिन लक्ष्मी देवी मतदान स्थल पर नहीं पहुंचीं। इसके बाद अध्यक्ष पद के चुनाव में पहले से डाले जा चुके 19 मतों की मतपेटी को सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
निर्वाचन विभाग ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकित भाजपा प्रत्याशी प्रेम देवी रूलानिया व कांग्रेस प्रत्याशी विनीता पूनिया की मौजूदगी में सभी 19 मतों की पेटी को सील कराया गया। सोमवार रात करीब 1 बजे पुलिस प्रोटेक्शन के साथ मतपेटी को खाटूश्यामजी थाने में रखवा दिया गया।
Updated on:
23 Sept 2026 08:25 am
Published on:
23 Sept 2026 08:25 am
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