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सीकर का लाल अरुणाचल प्रदेश में शहीद, मौत की वजह का नहीं चला पता, शव देख पत्नी हुई बेहोश

अरुणाचल प्रदेश में तैनात सीकर के जवान मुकेश जाट की पार्थिव देह गांव पहुंची तो हर आंख नम हो गई। पत्नी सुनीता देवी शव देखकर बार-बार बेहोश होती रहीं, वहीं माता-पिता और दादी अपने लाल को आखिरी बार देखने के लिए बिलखते रहे। जवान की 4 साल पहले शादी हुई थी।
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सीकर

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Kamal Mishra

Sep 17, 2026

mukesh kumar sikar

Sikar: शहीद मुकेश कुमार की तिरंगा यात्रा (फोटो-पत्रिका)

सीकर। जिले के अजीतगढ़ क्षेत्र की सिहोडी की ढाणी हनुमानसागर निवासी आर्मी जवान मुकेश कुमार जाट को गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अरुणाचल प्रदेश में जीआरईएफ आर्मी के टेक्निकल विभाग में तैनात जवान की पार्थिव देह गांव पहुंचते ही पूरा माहौल गमगीन हो गया। शव देखकर पत्नी सुनीता देवी बार-बार बेहोश होती रहीं। माता सीता देवी, पिता बहादुर सिंह और दादी गुमानी देवी भी रोते हुए बार-बार अपने लाल को देखने की बात कहती रहीं।

जवान की अंतिम यात्रा में क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीणों ने अजीतगढ़ से ढाणी हनुमानसागर तक करीब 14 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर जवान को श्रद्धांजलि दी। भारत माता की जय और जवान मुकेश अमर रहे के नारों से पूरा रास्ता गूंज उठा। बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

बड़े भाई ने दी मुखाग्नि

अंतिम संस्कार के दौरान जवान के बड़े भाई सुभाष कुमार ने चिता को मुखाग्नि दी। सेना से साथ आए जवान सुमेर सिंह और झाबरमल सैनी ने जवान के पिता बहादुर सिंह को तिरंगा सौंपा। राजस्थान पुलिस के जवानों ने गॉड ऑफ ऑनर देकर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।

जवान की पार्थिव देह घर पहुंचने पर पत्नी सुनीता देवी, माता सीता देवी, दादी गुमानी देवी, पिता बहादुर सिंह, भाई रामकिशन व सुभाष और बहन माया का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजन एक-दूसरे को संभालते नजर आए। जवान की शादी करीब चार साल पहले हुई थी और उनकी ढाई साल की बेटी है।

मौत के कारण को लेकर परिजनों के सवाल

जवान की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर परिजनों और ग्रामीणों में सवाल बने हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मौत के कारण की स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। परिजनों का कहना है कि जवान का मोबाइल 5 सितंबर से बंद था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 5 और 6 सितंबर को उसके बैंक खाते से क्रमश: 5 हजार और 4 हजार रुपये निकाले गए।

ग्रामीणों और परिजनों ने सेना के अधिकारियों तथा जिला कलक्टर से जवान की मौत के कारणों का जल्द पता लगाने की मांग की है। वहीं उपलब्ध जानकारी में इन घटनाओं के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि

अंतिम संस्कार में यूडीएच मंत्री के प्रतिनिधि अजय सिंह, उपखंड अधिकारी सौरभ भामू, तहसीलदार राकेश पूनिया, नायब तहसीलदार सुरेंद्र कुड़ी, थाना अधिकारी विजय सिंह, सिहोडी पंचायत प्रशासक सुंदरलाल भावरिया सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। भाजपा नेता श्याम चौधरी, नीमकाथाना जिला सेवादल कांग्रेस जिलाध्यक्ष संयोग भावरिया और कांग्रेस नेता सुल्तान सिंह समेत अन्य लोगों ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

बताया गया कि शव की पहचान बैग और कपड़ों के आधार पर की गई, क्योंकि शव काफी पुराना होने के कारण पहचान में परेशानी हुई थी। जवान के बड़े भाई सुभाष कुमार केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में कार्यरत हैं, जबकि परिवार के सदस्य खेती से जुड़े हैं।