
MLA Ganeshraj Bansal (Patrika Photo)
बीकानेर। हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल की 23 साल पुराने कथित फर्जी पट्टा मामले में गिरफ्तारी के बाद अब उनके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों की फाइलें भी खुलने लगी है। पुलिस के अनुसार, बंसल और उनके परिवार से जुड़े मामलों की संख्या 58 से अधिक है। इनमें कई मामलों में पहले अंतिम रिपोर्ट लगाकर फाइलें बंद की जा चुकी थी। अब बीकानेर रेंज और राज्य अपराध शाखा की विशेष टीम ऐसे मामलों की दोबारा पड़ताल कर रही है। पुलिस के पास बंसल से जुड़ी 57 संदिग्ध बेनामी संपत्तियों की सूची भी पहुंची है।
प्रारंभिक जांच में इनकी कीमत 700 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। ऐसे सभी मामलों की जांच अब फिर से शुरू की गई है। साथ ही बेनामी संपत्तियों का संकलन कर ईडी को इसकी सूचना दी गई है। सूत्रों का कहना है कि अब ईडी की टीम इसकी जांच करेगी। फर्जी पट्टे के मामले में गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक के खिलाफ दर्ज मामले वापस रि-ओपन किए है।
अमृतलाल सिंगला की ओर से यह मामले वर्ष 2018 से 2022 तक दर्ज करवाए गए थे। आरोप है कि इन मामलों में पुलिस ने फर्जी गवाहों के बयान के आधार पर अंतिम रिपोर्ट पेश कर दी गई। विधायक गणेशराज के बेटे को भी पुलिस ने दुराचरण का दोषी माना है। वह इनकम टैक्स विभाग में अधिकारी बताया जाता है।
पुलिस की ओर से उसके विभाग के चीफ कमिश्नर को उसकी दुराचरण रिपोर्ट भेजी गई है, जिसमें उसकी अपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी दी गई है। बेनाम संपत्तियों की सूची पुलिस के पास विधायक की 57 बेनामी संपत्तियों की सूची पुलिस के पास है। अधिकतर संपत्तियां बीकानेर और हनुमानगढ़ क्षेत्र में है। अधिकतर संपत्तियां विधायक के रिश्तेदार और मिलने वालों के नाम होने की जानकारी सामने आई है। जांच टीम अब इनके दस्तावेज खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में यह संपत्तियां 700 करोड़ से ज्यादा की आंकी गई है।
विधायक गणेश राज बंसल, उसकी पत्नी संतोष व अन्य के खिलाफ वर्ष 2025 से अब तक सीएजेएम न्यायालय की ओर से 13 परिवाद जांच के लिए पुलिस का पेश भेजे गए हैं। खास बात यह है कि पुलिस ने सभी मामलों की जांच एसआइ स्तर के एक ही अधिकारी को दी गई है। उसने डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद एक भी मामले की जांच पूरी कर न्यायालय में रिपोर्ट पेश नहीं की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही एफआइआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जानी है।
विधायक व उसके परिवार के खिलाफ 58 से ज्यादा मामले दर्ज है। कुछ मामले अब रि-ओपन किए गए हैं। राज्य अपराध शाखा की विशेष टीम मामलों की जांच में जुटी है। बे-नामी संपत्तियों का भी पता करवाया जा रहा है।
-ओमप्रकाश, पुलिस महानिरीक्षक, बीकानेर रेंज
Updated on:
23 Sept 2026 07:10 am
Published on:
23 Sept 2026 07:08 am
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