
सीकर. जिले में करीब दस दिन से शीतलहर का दौर जारी है। 9 दिन तक को पारा जमाव बिंदु के नीचे रहा। इससे आम जनजीवन तो प्रभावित हो ही रहा है साथ ही फसलों को भी नुकसान हो रहा है। जिले में कई स्थानों पर पाले से फसल नष्ट हो गई है। इससे किसानों में चिंता का माहौल है। किसान रही सही फसल को बचाने की जुगत में लगे हैं।
लाखों का नुकसान
श्रीमाधोपुर. क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की सर्दी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। पाळे से किसानों की फसलें चौपट हो गई जिससे किसानों को लाखों का नुकसान हो गया है। होल्याकाबास के गठालावाली ढ़ाणी निवासी किसान कैलाश गठाला ने बताया कि उसने करीब छह बीघा में फसल बोई थी जिसमें डेढ़ बीघा में मिर्च, एक बीघा में टमाटर, डेढ़ बीघा में बैंगन, एक बीघा में गाजर व एक बीघा में मूली बोई थी। पिछले एक सप्ताह से पड़ रहे पाळे के कारण मिर्च, टमाटर व बैंगन की फसल बिलकुल खराब हो गई। गाजर व मूली की फसल बची है। गठाला ने बताया कि उसने करीब साढ़े तीन लाख रुपए लगाकर फसल बोई थी जिस पर पानी फिर गया। अभी तक मूली व गाजर बेचकर 50-60 हजार रुपए कमा चुके हैं लेकिन बाकी की फसल बर्बाद हो गई। अजीतगढ़ के किसान जगदीश पारीक की फसल में 70 प्रतिशत खराबा हो गया।