
प्रदेश में राजस्थान रोडवेज के चालक व परिचालकों का साप्ताहिक अवकाश बकाया रखने पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को तीन दिन में साप्ताहिक अवकाश का समायोजन करना होगा। समायोजन नहीं करने पर नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं चालक व परिचालक का साप्ताहिक अवकाश बकाया रहने पर दी जानी वाली पुर्नभरण राशि के लिए निगम की बजाए संबंधित अधिकारी ही व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। मुख्यालय के इस आदेश से अकेले सीकर डिपो के छह सौ से ज्यादा कर्मचारी प्रभावित होंगे। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के प्रदेश में करीब 12 हजार नियमित कर्मचारी है।
इसलिए आक्रोश
निगम मुख्यालय की ओर से जारी नए आदेश को लेकर रोडवेज कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि सेवानिवॄृत्ति के समय बकाया रहने पर निगम को साप्ताहिक अवकाश की राशि का दोहरा भुगतान करना पड़ता है। वहीं निगम के अधिकारियों का तर्क है कि अधिकारी जानबूझ कर कई कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश नहीं देते हैं। जिसके कारण निगम का दायित्व बढ़ जाता है। ऐसे में कर्मचारी आंदोलन की राह पकड़ लेते हैं। नेताओं का कहना है कि जब पहले से ये आदेश जारी हो चुके हैं तो उनकी पालना क्यों नहीं करवाई जा रही है। आदेश के बावजूद चालक व परिचालकों को साप्ताहिक अवकाश दिए बिना ही डबल ड्यूटी करवाई जा रही है। वहीं जीएच पर काम करने पर दोहरी राशि का भुगतान किया जाता है।