सीकर

एक बार फिर चर्चा में आया गैंगस्टर राजू ठेहठ का नाम, डर के कारण पुलिस की जांच भी हो गई गोलमाल !

#सूदखोर: सूदखोरों के अपराधिक गिरोह के लोगों से संबंध होने की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी जा चुकी है। सूदखोर से परेशान होकर पीडि़त रामदेव ने परिवाद सौंपा था।
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Jun 30, 2018
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एक बार फिर चर्चा में आया गैंगस्टर राजू ठेहठ का नाम, डर के कारण पुलिस की जांच हो गई गोलमाल

सीकर.

सूदखोरों के अपराधिक गिरोह के लोगों से संबंध होने की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी जा चुकी है। सूदखोर से परेशान होकर पीडि़त रामदेव ने परिवाद सौंपा था। जिसमें उसने गैंगस्टर राजू ठेहठ के गुर्गे का नाम बताकर धमकाने की शिकायत शामिल थी। लेकिन, परिवाद में गैंगस्टर का नाम आते ही जांच गोल-माल हो गई और पीडि़त भी डर के कारण दोबारा थाने नहीं पहुंचा।
पुलिस परिवाद के अनुसार पलसाना के रामदेव ने एसपी को परिवाद सौंपकर अपनी पीड़ा बताई थी। आरोप था कि उसने पिपराली रोड स्थित विकास कॉलोनी के एक व्यक्ति से अपने पुत्र को विदेश भेजने के लिए एक लाख पांच हजार रुपए उधार लिए थे। इसके बाद मूल रकम व ब्याज मिलाकर तीन लाख 40 हजार रुपए चुकाने के बाद भी सूदखोर 10 से 12 लाख रुपए ब्याज तथा पेनल्टी मांग रहा था। नहीं देने पर सूदखोर दो गाडिय़ों में अपने साथियों के साथ घर पर आ धमका। आरोपी ने खुद को राजू ठेहठ गिरोह से जुड़ा होने की धमकी दी और मकान खाली करने की बात कही। हालांकि इस दौरान गांव के लोग आ जाने पर वे लोग फरार हो गए। लेकिन, इसके बाद भी पीडि़त परिवार को लगातार राजू ठेहठ के नाम पर डराता रहा और धमकी देकर मकान पर कब्जे के प्रयास में जुटा रहा। इधर, पुलिस पीडि़त को जांच के नाम पर थाने में चक्कर कटवाती रही।

कर लिया था अपहरण
पिछले महीने ही 50 हजार अधारी के रुपयों के लिए आनंद नगर के पीछे एक युवक को अपहरण कर लिया गया था। सूदखोर उसे यहां से कार में जबरन बैठाकर ले गए और मारपीट के बाद धोद रोड बाइपास पर पटक कर फरार हो गए थे। पीडि़त के दोस्त मुकेश ने बाद में इसकी शिकायत कोतवाली पुलिस व उद्योग नगर पुलिस को दी थी। लेकिन, बाद में सूदखोरों ने आपस में समझौता कर मामले को दबा दिया था।


नौ लाख के चुकाए 90 लाख
उद्योग नगर थाने में दर्ज एक प्रकरण में देवीपुरा रोड के रवि ने सूदखोरी में नौ लाख के बदले 90 लाख चुकाने के बाद भी सूदखोरों द्वारा दी जाने वाली धमकी की रिपोर्ट पुलिस को दी थी। आरोप था कि उसके पिता ने 2009 में तीन लोगों से कुल नौ लाख रुपए उधार लिए थे। उसके पिता ने उन्हें मूल व सूद के तौर पर 90 लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया था। इसके बाद पैतृक प्लाट अपने नाम करवा लेने के बाद भी सूदखोर 50 हजार रुपए मांग रहे थे। जिसके लिए पीडि़त परिवार को बार-बार धमकियां भी दी गई थी।

Published on:
30 Jun 2018 09:48 am