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मुफ्त की रेल यात्रा करने पर सबसे ज्यादा पकड़े गए जयपुर के यात्री

सीकर. बिना टिकट यात्रा करने में जयपुर मंडल के यात्री अव्वल हैं, तो जोधपुर वालों को एेसा करना कम पसंद है। केवल बिना पैसों के यात्रा करना ही नहीं बल्कि बिना बुक किए सामान ले जाने में भी जयपुर वाले सबसे आगे हैं।
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Jul 08, 2018
sikar news
मुफ्त की रेल यात्रा करने पर सबसे ज्यादा पकड़े गए जयपुर के यात्री



सीकर. बिना टिकट यात्रा करने में जयपुर मंडल के यात्री अव्वल हैं, तो जोधपुर वालों को एेसा करना कम पसंद है। केवल बिना पैसों के यात्रा करना ही नहीं बल्कि बिना बुक किए सामान ले जाने में भी जयपुर वाले सबसे आगे हैं। जून माह में चलाए गए विशेष अभियान में यह खुलासा हुआ है। बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ उत्तर पश्चिम रेलवे ने विशेष अभियान चलाया। किलाबंदी जांच की गई। जांच के दौरान एक माह में तीस लाख ४९ हजार रुपए से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया। जून में उत्तर पश्चिम रेलवे के चारों मण्डलों अजमेर, बीकानेर, जोधपुर व जयपुर पर सभी रेलखण्डों में टिकट जांच अभियान चलाए गए। उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय के वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने भी मण्डल अधिकारियों के साथ हिस्सा लिया। जून माह में बीकानेर मण्डल पर 11 किलाबंदी जांच की गई जिनमें बिना टिकट यात्रा के 2091 प्रकरण पकडक़र उनसे 6 लाख 86 हजार 495 रुपए वसूले गए। इसी प्रकार बिना बुक किए माल ले जाने के 42 मामलों में 5610 रुपए की वसूली की गई। जून माह में ही अजमेर मण्डल पर 11 किलाबंदी जांच में बिना टिकट यात्रा के 2170 मामले पकड़ में अए जिनमें सात लाख 94 हजार 800 का जुर्माना वसूल किया गया। जयपुर मण्डल पर 11 किलाबंदी जांच की गई, जिनमें बिना टिकट के 2753 तथा बिना बुक किए माल के 62 मामले पकड़ में आए। बेटिक यात्रा करने पर 10 लाख 15 हजार 250 तथा बिना बुक माल ले जाने पर 8320 की राशि वसूल की गई। जोधपुर मण्डल पर 11 किलाबंदी तथा क्रॉसकन्ट्री जांच के दौरान 1625 बिना टिकट यात्री पकड़े। एेसे यात्रियों से 5 लाख 52 हजार 470 रुपए वसूले गए। इसके अलावा 68 बिना बुक किए माल ले जाने के मामलों में 3,960 रुपए वसूले गए।
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क्या होती है किलेबंदी की जांच
किलाबंदी जांच में रेलवे के वाणिज्य तथा रेलवे सुरक्षा बल विभाग संयुक्त कार्रवाई करते हैं। ट्रेन की आकस्मिक जांच करते हैं, इसमें पूरी गाड़ी को घेर लिया जाता है। बिना टिकट यात्रा कर रहे व्यक्ति के लिए भाग निकलना मुश्किल होता है। बिना टिकट यात्रा करते हुए या बिना बुक कराए माल के पकड़े जाने पर यात्री से देय प्रभार के साथ-साथ जुर्माना भी वसूला जाता है। जुर्माना नहीं देने पर उसके खिलाफ भारतीय रेल अधिनियम, 1989 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाती है, जिसमें जुर्माने के साथ-साथ सजा का भी प्रावधान है।

&टिकट जांच अभियानों का मुख्य उद्देश्य बिना टिकट यात्रा को हतोत्साहित करना तथा टिकट लेकर यात्रा करन वालों के हितों का ध्यान रखना है। विशेष अभियान में मुख्य रूप से किलाबंदी जांच की गई। सबसे ज्यादा बेटिकट के मामले जयपुर मंडल में तथा सबसे कम जोधपुर मंडल में पकड़ गए। एेसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
तरुण जैन, सीपीआरओ, रेलवे

Published on:
08 Jul 2018 11:34 am