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झुंझुनूं. दुष्कर्म के आरोपित को महीनेभर के दौरान फांसी की सजा सुनाए जाने के मामले में चर्चा में आए राजस्थान के झुंझुनूं से दुष्कर्म का एक और चौंका देने वाला मामला सामने आया है। इस बार खुद पीडि़ता ने ही अपने जीजा के साथ मिलकर बड़ा षडय़ंत्र रचा है। पीडि़ता ने न्यायालय में आरोपित के पक्ष में बयान देने का सौदा साढ़े छह लाख रुपए में कर लिया। एक लाख रुपए पेशगी ले लिए।
मंगलवार को बयान देने के बाद साढ़े पांच लाख रुपए लेते समय झुंझुनूं पुलिस ने जाल बिछाकर उसे व उसके जीजा का गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय परिसर में हुई इस कार्रवाई से हडक़ंप मच गया। कार्रवाई झुंझुनूं पुलिस उप अधीक्षक (शहर) ममता सारस्वत के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने साढ़े पांच लाख रुपए की राशि जब्त कर ली है।
आरोपित कांस्टेबल से मांगे थे 20 लाख
-मामले में बयान बदलने के लिए पीडि़ता ने आरोपित पुलिस कांस्टेबल से 20 लाख रुपए की मांग की थी।
-झुंंझुनूं शहर कोतवाल गोपाल सिंह ढाका ने बताया कि बाद में मामला साढ़े छह लाख रुपए में तय हुआ।
-आरोपित ने इसकी सूचना पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी। इस बीच महिला ने एक लाख रुपए ले लिए।
-साढ़े पांच लाख रुपए मंगलवार को पेशी के बाद देना तय हुआ।
-आरोपित पक्ष ने महिला के साथ मोबाइल पर हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया।
-इस रिकॉडिंग के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और कोर्ट परिसर में साढ़े पांच लाख रुपए लेते हुए महिला व उसके जीजा को गिरफ्तार कर लिया।
नवलगढ़ थाना क्षेत्र का है मामला
महिला ने पिछले साल नवलगढ़ थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया था। मामले में सीकर जिले के कोलिड़ा गांव निवासी नवलगढ़ थाने में तैनात रहे सिपाही महिपाल सिंह, विकास अन्य को नामजद किया गया था।
झुंझुनूं पुलिस ने जांच में महिपाल सिंह को आरोपित नहीं माना, लेकिन न्यायालय ने इस मामले में प्रसंज्ञान लेकर महिपाल को दोषी मान लिया। महिपाल के पक्ष में बयान देने के लिए महिला ने पैसों की मांग की थी। कार्रवाई करने वाली टीम में एसआई रामपाल, एएसआई सुरेश व एचसी मनीष कुमार आदि शामिल थे।