सीकर जिले के खाटूश्यामजी में शुक्रवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। रींगस-खाटू मार्ग पर गोल्डन वाटर पार्क के पास कैंपर और सवारी गाड़ी की आमने-सामने भिड़ंत में 23 श्रद्धालु घायल हो गए। 7 की हालत गंभीर होने पर उन्हें सीकर-जयपुर रेफर किया गया।
खाटूश्यामजी (सीकर): राजस्थान के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूधाम में उस समय मातम पसर गया, जब बाबा श्याम के दर्शनों की अभिलाषा लेकर जा रहे श्रद्धालु एक दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गए। रींगस-खाटू मार्ग पर शुक्रवार की सुबह एक कैंपर और सवारी गाड़ी के बीच हुई आमने-सामने की भीषण भिड़ंत में 23 लोग घायल हो गए। इनमें से 7 भक्तों की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, हादसा रींगस-खाटू मार्ग पर स्थित गोल्डन वाटर पार्क के पास हुआ। एक सवारी गाड़ी रींगस से श्रद्धालुओं को लेकर खाटूश्यामजी की ओर जा रही थी। जैसे ही गाड़ी वाटर पार्क के पास पहुंची, सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कैंपर गाड़ी ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह पिचक गए। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीणों और वहां से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत साहस दिखाया और मलबे में फंसे लहूलुहान यात्रियों को बाहर निकाला।
सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंची। सभी 23 घायलों को तुरंत उप जिला अस्पताल, खाटूश्यामजी पहुंचाया गया। घायलों की भारी संख्या को देखते हुए अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया, जिसे नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त चिकित्सा कर्मियों को तैनात करना पड़ा।
अस्पताल के पीएमओ डॉ. गोगराज सिंह ने बताया, अस्पताल में कुल 23 घायल लाए गए थे। हमारी टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और प्राथमिक उपचार शुरू किया। हालांकि, 7 श्रद्धालुओं की चोटें काफी गंभीर थीं, जिसके चलते उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सीकर और जयपुर (हायर सेंटर) रेफर कर दिया गया है।
हादसे का शिकार हुए श्रद्धालु राजस्थान समेत अन्य राज्यों से बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाने आए थे। रींगस से पदयात्रा या वाहनों के जरिए खाटू पहुंचने का यह मार्ग हमेशा व्यस्त रहता है, लेकिन शुक्रवार की सुबह रफ्तार के कहर ने इन भक्तों के सफर को अस्पताल तक पहुंचा दिया।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात सुचारू किया गया है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या हादसा ओवरटेकिंग या तेज गति के कारण हुआ।