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कवायद: ओपीडी से इंडोर तक दवा की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

सीकर. मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध कल्याण अस्पताल में मरीजों की सुविधा और दवा वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए बदलाव होने जा रहा है। अस्पताल में पंजीयन काउंटर पर लेजर प्रिंटर और दवा केन्द्रों पर रोलर स्कैनर लगाए जाएंगे

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Apr 28, 2026


सीकर. मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध कल्याण अस्पताल में मरीजों की सुविधा और दवा वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए बदलाव होने जा रहा है। अस्पताल में पंजीयन काउंटर पर लेजर प्रिंटर और दवा केन्द्रों पर रोलर स्कैनर लगाए जाएंगे। लम्बे समय बाद हुई कवायद के तहत अस्पताल की ओपीडी की पर्ची से दवा लेने ओर वितरण का पूरा रेकार्ड ऑनलाइन रहेगा। अच्छी बात है कि इससे निशुल्क योजना की 15 से 20% तक दवाओं की अनावश्यक खपत पर रोक लगेगी।दवाएं लेने के लिए मरीज को बार-बार पर्ची की फोटो कॉपी नहीं करवानी होगी। वहीं अस्पताल और विभाग को समय रहते ही दवाओं की खपत का सटीक आंकड़ा मिलेगा। रोजाना ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या के आधार पर दवाओं की डिमांड तय होगी। जिससे अस्पतालों में किसी विशेष दवा के स्टॉक की कमी या अधिकता का फौरन पता चलेगा। वहीं फर्जी या डुप्लीकेट पर्चियों के जरिए दवा लेने पर काफी हद तक अंकुश लग जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो अगले माह तक कल्याण अस्पताल में यह व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। जिससे दवा काउंटर और जांच केन्द्रों के बाहर लगने वाली लम्बी कतारों में लगने से मरीजों को काफी हद तक राहत मिल जाएगी।

यह रहेगी व्यवस्था


अस्पतालों में आने वाले मरीज को डॉट मेटरिक्स प्रिंटर के जरिए पर्चियां दी जा रही है। जिस पर चिकित्सक की ओर दवा लिखने के बाद एक पर्ची दवा वितरण केन्द्र पर रखी जाती है। जहां ऑपरेटर इन पर्चियों को ऑनलाइन करता है। इसके बाद पर्ची को रेकार्ड रूम में रखा जाता है। नई व्यवस्था के तहत मरीज की एक ही प्रिटेंड पर्ची कटेगी। उस पर्ची पर एक कोड नम्बर जनरेट होगा। दवा वितरण केन्द्र पर स्कैन करते ही पूरी दवाओं की एंट्री ऑनलाइन एंट्री हो जाएगी। जिससे मरीज से संबंधित पूरी जानकारी कम्यूटर में दर्ज हो जाएगी। जिसे दवा लेने के बाद मरीज को लौटा दिया जाएगा लेकिन पूरा डेटा अस्पताल के सर्वर में सुरक्षित रहेगा।

गाइडलाइन जारी


आगामी दिनों में तेज गर्मी की आशंका को लेकर जिले के सबसे बड़े कल्याण अस्पताल में लू तापघात के मरीजों के लिए विशेष इंतजाम करते हुए 20 बेड रिजर्व किए गए हैं, अस्पताल की ट्रोमा यूनिट में पांच बेड, मेल मेडिकल वार्ड में सात बैड और फीमेल मेडिकल वार्ड में आठ बैड रिजर्व किए गए हैं।वहीं अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में ओआरएस कॉर्नर भी शुरू किया गया है जिससे बीमार मरीजों को फौरन राहत मिल सके। लू से पीड़ित मरीजों के तत्काल और प्रभावी इलाज के लिए कल्याण अस्पताल में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट बनेगी। अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीज की जांच लू के लक्षणों के आधार पर की जाएगी। । इसके अलावा अस्पतालों में आवश्यक मानव संसाधन के साथ-साथ इंट्रा वेनस फ्लूड (आईवी फ्ल्यूड), ओआरएस और जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है। अस्पताल में मरीजों के लिए सभी वार्ड, ट्रोमा यूनिट के बाहर, पंजीयन काउंटर के बाहर पंखे व कूलर लगाए गए हैैं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे व्यक्तियों को हाई रिस्क श्रेणी में रखा है। इनके इलाज के लिए विशेष प्रोटोकॉल और एसओपी (एसओपी) की पालना के निर्देश चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को दिए गए हैं।

इनका कहना है

अस्पताल में दवा पर्ची के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। कोड नम्बर वाली पर्ची के स्कैन करते ही मरीज को दवा मिल जाएगी। वहीं नई व्यवस्था से अस्पताल को समय रहते दवाओं की मांग और खपत का पता चल सकेगा। जिससे वितरण व्यवस्था में सुधार होगा।

डॉ. जितेन्द्र भूरिया, प्रभारी, दवा वितरण, कल्याण अस्पताल

Published on:
28 Apr 2026 11:52 am
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