RTE Admission 2024 : आरटीई एक्ट के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया में बदलाव ने इस बार कई हजारों अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी है। ये वे अभिभावक हैं जिनके बच्चे चार से छह साल तक की आयु के हैं।
RTE Admission 2024 : आरटीई एक्ट के तहत निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया में बदलाव ने इस बार कई हजारों अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी है। ये वे अभिभावक हैं जिनके बच्चे चार से छह साल तक की आयु के हैं। दरअसल, आरटीई एक्ट के तहत विभाग इस साल निजी स्कूलों की केवल नर्सरी और पहली कक्षा में ही प्रवेश के आवेदन ले रहा है। नर्सरी के लिए शिक्षा विभाग ने बच्चों की आयु सीमा 3 साल से अधिक और 4 साल से कम , पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 6 वर्ष से अधिक और 7 साल से कम तय की है। ऐसे में चार साल से अधिक व छह साल से कम आयु के बच्चों का निशुल्क प्रवेश निजी स्कूलों में नहीं हो पा रहा है।
25 फीसदी सीटों पर होता है निशुल्क प्रवेश
आरटीई एक्ट के तहत निजी स्कूलों की 25 फीसदी सीटों पर आर्थिक दृष्टि से कमजोर व असुविधाग्रस्त वर्ग के बच्चों का निशुल्क प्रवेश किया जाता है। इसकी एवज में राज्य सरकार निजी स्कूलों को पुनर्भरण राशि जारी करती है। एक्ट के तहत प्रवेश मिलने पर बच्चा पहले कक्षा आठ तक स्कूल में निशुल्क अध्ययन कर सकता था। इसे अब कक्षा 12 तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
पिछले साल चार कक्षाओं में था प्रवेश
आरटीई एक्ट के तहत प्रवेश में पिछले साल तक आयु की ये समस्या नहीं थी। सभी प्री- प्राइमरी व पहली कक्षा में निशुल्क प्रवेश का विकल्प खुला होने पर तीन से छह साल तक के सभी बच्चों का प्रवेश आयु के हिसाब से संभव हो पा रहा था। पर इस बार प्री-प्राइमरी की एंट्री लेवल व पहली कक्षा में ही प्रवेश का नियम लागू होने से अभिभावकों के सामने प्रवेश का संकट गहरा गया है।
21 अप्रेल तक होंगे आवेदन
आरटीई एक्ट के तहत निशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन की तिथि 21 अप्रेल तय की गई है। 23 अप्रेल को लॉटरी से प्रवेश का वरीयता क्रम तय होगा। इसके बाद चयनित बच्चों के अभिभावकों को 30 अप्रेल तक स्कूल में ऑनलाइन रिपोर्टिंग करनी होगी।
आरटीई में पांच साल के बेटे का निजी स्कूल में प्रवेश करवाना चाह रहा था। पर नर्सरी व पहली कक्षा में ही प्रवेश व आयु के नियम की वजह से उसका प्रवेश नहीं हो सकेगा। शिक्षा विभाग को पिछले साल की तरह ही सभी प्री-प्राइमरी व पहली कक्षा में प्रवेश व आयु का नियम लागू करना चाहिए।
विष्णु सिंह, अभिभावक